इंदौर में एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण की कवायद तेज हो रही है। शनिवार को नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस प्रोजेक्ट को लेकर अफसरों की बैठक ली और कहा कि नए सिरे से इसके लिए ट्रैफिक सर्वे किया जाए। अफसरों ने बैठक में बताया कि कॉरिडोर पर ट्रैफिक आसान करने के लिए तीन जगह रोटरी भी बनाई जाएगी।

इसके अलावा चार भुजाएं होंगी। बैठक में विशेषज्ञों ने कहा कि पिछले सर्वे में लंबी दूरी का ट्रैफिक चार प्रतिशत से भी कम था, इस कारण कॉरिडोर की उपयोगिता ज्यादा नहीं रहेगी। अफसरों ने कहा कि एलआईजी, शिवाजी और नवलखा चौराहे पर कॉरिडोर पर रोटरी भी बनाई जाएगी। एलआईजी, गिटार चौराहा, व्हाइट चर्च रोड और नवलखा चौराहे पर भुजाएं उतारी जाएंगी। बैठक में तय हुआ कि कॉरिडोर एलआईजी गुरुद्वारे से नवलखा के आगे तक बनेगा। छह किलोमीटर से ज्यादा लंबे इस कॉरिडोर पर तीन सौ करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होगी।

 

दो साल का समय लगेगा



बैठक में तय हो चुका है कि कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। दो साल की समयसीमा इसके लिए तय की गई है, हालांकि चलते ट्रैफिक में निर्माण में काफी दिक्कतें आना तय है, क्योंकि बीआरटीएस के नीचे की लाइनों को पहले शिफ्ट किया जाएगा। इस कॉरिडोर को लेकर हाईकोर्ट में याचिका भी लगाई जा चुकी है और निर्माण नहीं करने की मांग की गई। कोर्ट ने निर्माण पर रोक नहीं लगाई है और इस याचिका को ट्रैफिक से जुड़ी दूसरी याचिका से जोड़ा गया है।



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