इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी कांड को एक माह पूरा हो रहा है, लेकिन मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को एक 62 वर्षीय पहलवान खूबचंद बंधोनिया की मौत हो गई। वे भी उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती हुए थे। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने मौत की वजह की पुष्टि नहीं की है, जबकि परिजनों का कहना है कि पिता की तबीयत दूषित पानी के सेवन से बिगड़ी थी। उन्हें पहले बस्ती के क्लिनिक में दिखाया गया और फिर अस्पताल में भर्ती किया गया।
उधर, स्वास्थ्य विभाग ने अब होने वाली मौतों की वजह डायरिया बताने से इनकार कर दिया है। इस कारण एक परिवार ने शव सड़क पर रखकर चक्काजाम भी किया था। बताया जा रहा है कि दो लाख रुपये एक थैली में भरकर परिजनों को श्मशान घाट पहुंचाए गए थे। अब तक दूषित पानी की वजह से 29 मौतें हो चुकी हैं, जिनमें महिलाओं की संख्या अधिक है।
बस्ती में अब उल्टी-दस्त के नए मरीज तो नहीं मिल रहे हैं, लेकिन अभी भी छह लोग अस्पताल में भर्ती हैं। उनमें से तीन आईसीयू में हैं और एक की हालत गंभीर है। स्वास्थ्य विभाग ने कोर्ट में जो रिपोर्ट पेश की है, उसमें 23 मौतों की जानकारी दी गई है और उनमें से 16 की मौत की वजह डायरिया माना है, जबकि बाकी मौतों का कारण दूसरी बीमारियां बताई गई हैं।
30 प्रतिशत इलाके में अभी भी संकट
भागीरथपुरा में अब तक दूषित पानी से 29 मौतें हो चुकी हैं। बस्ती के 30 प्रतिशत हिस्से में नई लाइन बिछाई गई है और अब वहां साफ पानी आ रहा है, लेकिन दूसरे इलाकों में अभी भी जलसंकट छाया हुआ है, क्योंकि वहां पाइपलाइन नहीं बिछ पाई है। जिन घरों में बोरिंग से पानी सप्लाई होता है, उन्हें भी पेयजल के लिए उस पानी का उपयोग न करने की सलाह दी गई है। दूसरी ओर, कई परिवारों ने अब अपने घरों में वाटर प्यूरीफायर लगवा लिए हैं।
