इंदौर के भागीरथपुरा में एक माह पहले महामारी फैली थी, लेकिन मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। जो मरीज भर्ती हैं, उनकी भी हालत काफी गंभीर है। गुरुवार सुबह एकनाथ सूर्यवंशी की मौत की खबर आई। वे 25 दिनों से बॉम्बे अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें दूसरी बीमारियां भी थीं। जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने कहा कि उन्हें फिर वेंटिलेटर पर रखा गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने ही उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था। गुरुवार को परिजन उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज करा कर घर ले गए, जहां उनकी मौत हो गई। अब तक दूषित पानी के कारण भागीरथपुरा बस्ती में 31 मौतें हो चुकी हैं। अभी भी तीन मरीजों की हालत गंभीर है और वे आईसीयू में हैं।

एकनाथ सूर्यवंशी को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया था, हालांकि उन्हें दूसरी बीमारियां भी थीं और दोनों किडनियों ने काम करना बंद कर दिया था। परिजनों का कहना है कि उनकी तबीयत दूषित पानी पीने के कारण बिगड़ी थी। कमजोरी के कारण शरीर के दूसरे अंगों ने भी काम करना बंद कर दिया था, इस कारण उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था, लेकिन परिजन उन्हें डिस्चार्ज करा कर घर ले गए। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जब इंदौर आए थे, तो वे बॉम्बे अस्पताल भी गए थे। वहां उन्होंने एकनाथ से भी मुलाकात की थी और उनके परिजनों से भी मिले थे।

 

32 दिन में 31 मौतें



भागीरथपुरा में 31 दिन पहले 20 मरीज दो अलग-अलग निजी अस्पतालों में भर्ती हुए थे। उन्हें देखने क्षेत्रीय विधायक कैलाश विजयवर्गीय पहुंचे थे। इसके बाद से दूषित पानी से हुई बीमारी का पता चला। 30 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसके बाद मौत के दूसरे मामले भी सामने आए। इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका लगी है और अफसरों ने दूषित पानी से 19 लोगों की मौत होना स्वीकारा है, हालांकि मौत किस वजह से हुई, इसे अफसर नहीं बता पाए।



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