इंदौर में दूषित पानी से हुई 24 मौतों को लेकर कांग्रेस लंबे समय बाद इंदौर में आक्रमक हुई है और भाजपा सरकार को घेरने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। रही सही कसर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आकर पूरी कर दी। वे इंदौर आकर हवा पानी के मुद्दों को और सुलगा गए। दरअसल दूषित पानी की समस्या कई शहरों में है। गुजरात के गांधी नगर में भी पानी पीने से लोग बीमार हुए थे। अब कांग्रेस जनता से जुड़े इन मुद्दों पर नजर रखेगी और उस पर जन समर्थन जुटाएगी।

 

कांग्रेस की परिपाटी रही है कि जब भी कोई बड़ा नेता इंदौर आता है तो उसके स्वागत-सत्कार के लिए झंडे-डंडे, होर्डिंग लगाए जाते है, लेकिन राहुल की इस यात्रा में सादगी बरत कर कांग्रेस ने इसे सामाजिक आंदोलन दिखाने की कोशिश ज्यादा की और इसमें कांग्रेसी सफल भी रहे। इस वजह से भाजपा भी राहुल के विरोध के लिए कोई मुद्दा नहीं मिल रहा था, इसलिए फूल सिंह बरैया के बयान को लेकर राहुल को काले झंडे दिखाने की रणनीति बनाई गई।

 

पीडि़त परिवार को साथ खड़े किया

राहुल ने भी अपनी पत्रकारवार्ता में सीधे सरकारों पर निशाना नहीं साधा बल्कि सिर्फ दूषित पानी पर ही अपनी बात केंद्रित रखी। इन जनसमस्या के जरिए स्मार्ट सिटी माॅडल की हवा निकालने की भी कोशिश की। उन्होंने पानी और प्रदूषण पर फोकस रखा। पत्रकारवार्ता के दौरान वे मृतकों के कुछ परिजनों को भी साथ लेकर खड़े रहे। वे यह भी बोले कि मैं यहां राजनीति करने नहीं आया, विपक्ष में रहने के कारण जनता के मुद्दे हमारी जिम्मेदारी है।



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