प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से राष्ट्रव्यापी एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। यह पहल बेटियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है देशभर में अभियान प्रारंभ हो चुका है। मध्य प्रदेश में भी इसकी शुरूआत हो चुकी है। इस अभियान के तहत भोपाल और उज्जैन में टीके लगाये गए। 

इन दस्तावेजों में से कोई एक साथ लाएं

एचपीवी निःशुल्क वैक्सीन अभियान के अंतर्गत यू-विन (U-WIN) पोर्टल पर पंजीकरण के लिए निम्न में से किसी एक दस्तावेज की आवश्यकता होगी। आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, अपार आईडी, स्टूडेंट फोटो आईडी, पासपोर्ट, मदर एंड चाइल्ड प्रोटेक्शन कार्ड, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, मैट्रिकुलेशन सर्टिफिकेट, परमानेंट एजुकेशन नंबर (पेन आईडी), राशन कार्ड, बैंक पासबुक, अनाथ आश्रय का जन्म घोषणा प्रमाण पत्र अथवा आयु घोषणा फार्म (माता-पिता के अंडरटेकिंग सहित)।

वैध मोबाइल नंबर आवश्यक


स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यू-विन पोर्टल पर पंजीकरण के लिए एक वैध मोबाइल नंबर आवश्यक होगा, जिस पर ओटीपी प्राप्त होगा। अभियान के अंतर्गत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की जिन बालिकाओं का पूर्व में टीकाकरण हो चुका है, उनका पुनः टीकाकरण नहीं किया जाएगा।

निःशुल्क टीकाकरण अभियान, जानें कब तक चलेगा


प्रदेश में 90 दिनों के भीतर 14 वर्ष आयु की लगभग 8 लाख बालिकाओं को निःशुल्क टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उज्जैन में निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत कई अस्पताल में टीके लगाए गए।   मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में इस अभियान के तहत लगभग 8 लाख किशोरियों को निःशुल्क टीका लगाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से टीकाकरण की व्यवस्था की जा रही है। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपनी बेटियों के स्वस्थ, सुरक्षित और कैंसर-मुक्त भविष्य के लिए उनका टीकाकरण अवश्य कराएं।

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जानें क्यों खास है यह मुहिम?


यह टीकाकरण विशेष रूप से उन किशोरियों के लिए है, जिन्होंने 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है और 15 वर्ष से कम आयु की हैं। इस आयु वर्ग को केवल एक डोज दी जाएगी। निजी बाजार में लगभग 4 हजार रुपये कीमत वाला यह टीका शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध रहेगा। अभियान आगामी तीन महीनों तक चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक बालिकाएं इसका लाभ उठा सकें। प्रदेश सरकार महिलाओं और किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य, सम्मान और सुरक्षित भविष्य के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध है।





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