शिवपुरी जिले में देहात थाना पुलिस ने व्यापारी को हनी ट्रैप में फंसाकर मारपीट और ऑनलाइन ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। बदरवास निवासी आदित्य जैन को एक युवती ने दोस्ती के जाल में फंसाकर बड़ौदी बुलाया, जहां उसके साथ मारपीट की गई, वीडियो बनाया गया और झूठे केस में फंसाने व वीडियो वायरल करने की धमकी देकर फोन-पे के माध्यम से 1 लाख 5 हजार 640 रुपये की ठगी की गई।

मामले में पुलिस ने एक महिला सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 25 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई गई


फरियादी की शिकायत पर देहात थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 40/26, धारा 308(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले एवं एसडीओपी संजय चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान साइबर सेल की सहायता से संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई गई। जांच में सामने आया कि संबंधित मोबाइल नंबर आकाश ओझा के नाम पर पंजीकृत था। पूछताछ में आकाश ने बताया कि उक्त नंबर उसका भाई राजा ओझा और उसकी पत्नी कल्पना रजक उर्फ अंजली द्वारा उपयोग किया जा रहा था।

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पूरी घटना पूर्व नियोजित थी


पुलिस ने राजा ओझा और कल्पना रजक को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें दोनों ने अपना अपराध स्वीकार किया। पूछताछ के दौरान कल्पना ने बताया कि ग्राम एनवारा निवासी चंद्रपाल धाकड़ ने उसके पति को आदित्य जैन का मोबाइल नंबर दिया था और उसे हनी ट्रैप में फंसाने की योजना बनाई गई थी। पूरी घटना पूर्व नियोजित थी, जिसमें फोन कॉल करना, मिलने के लिए बुलाना, मारपीट करना और फिर ब्लैकमेल कर रकम वसूलना शामिल था।

पुलिस के अनुसार यह एक संगठित गिरोह था, जिसका सरगना चंद्रपाल धाकड़ है। आशंका जताई जा रही है कि गिरोह ने इससे पहले भी कई लोगों को इसी तरह निशाना बनाया होगा, लेकिन बदनामी के डर से पीड़ित सामने नहीं आए। पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है।





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