विंध्य क्षेत्र में अवैध खनन और वसूली को लेकर चल रही वर्चस्व की जंग ने राजधानी भोपाल में खूनी रूप ले लिया। रीवा के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर कुलदीप सिंह पर 25 जनवरी को दिनदहाड़े हथौड़े, सब्बल, रॉड और डंडों से जानलेवा हमला किया गया। इस सनसनीखेज वारदात के आठ दिन बाद पुलिस ने करीब 500 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हमला विंध्य क्षेत्र में संचालित खदानों और क्रेशरों पर वर्चस्व कायम करने की साजिश का हिस्सा था। आरोप है कि हिस्ट्रीशीटर कुलदीप सिंह अवैध खनन कारोबार से जुड़े ठेकेदारों और संचालकों से वसूली करता था, जिससे क्षेत्र में तनाव बना हुआ था। इसी विवाद के चलते रीवा के एक खदान ठेकेदार ने इस हमले की साजिश रची और अपने साथियों के जरिए भोपाल में वारदात को अंजाम दिलवाया। 25 जनवरी को कुलदीप सिंह भोपाल के कोलार इलाके में मौजूद था, तभी दो कारों में सवार आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने उसे घेर लिया। नकाब पहने हमलावरोंं ने उस पर बेरहमी से हमला कर हाथ-पैर तोड़ दिए और तब तक पीटते रहे, जब तक वह बेसुध नहीं हो गया। हमलावरों ने उसकी कार में भी जमकर तोड़फोड़ की और मौके से फरार हो गए। बीच-बचाव में आए कुलदीप के रिश्तेदार अशुमति सिंह के साथ भी मारपीट की गई। घटना के वक्त पीड़ित की गर्लफ्रेंड भी उसके साथ मौजूद थी।

ये भी पढ़ें- एसआई ने एसपी की कर दी शिकायत, लगाया गाली-गलौज-मानसिक प्रताड़ना और झूठी जांच का आरोप

फरियादी पर दर्ज हैं दर्जन भर अपराध

रीवा जिले के चोरहटा थाना क्षेत्र का निवासी कुलदीप सिंह हाल ही में जेल से बाहर आया था। वह निगरानीशुदा बदमाश है और उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट और वसूली समेत करीब 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। अवैध खनन को लेकर उसका विवाद सचिन कुशवाह से चल रहा था, जिस पर पहले से ही रीवा में काउंटर केस दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि इसी रंजिश के चलते भोपाल में हमला कराया गया। वारदात के बाद गठित एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज की। बिना नंबर की गाड़ियों और नकाब के बावजूद पुलिस ने 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पांच दिन तक रीवा में डेरा डालने के बाद पुलिस ने आरोपी अनिल कुशवाह और अखिलेश पांडे को गिरफ्तार कर लिया। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। घायल कुलदीप सिंह का भोपाल के बंसल अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले में अवैध खनन, वसूली और संगठित अपराध के एंगल से जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed