मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने भोपाल मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक 6 के पास बैरिकेडिंग हटाने के मामले में गलत हलफनामा पेश किए जाने को गंभीरता से लिया है। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश मेट्रो रेल निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।

भोपाल निवासी श्रीनिवास अग्रवाल एवं अन्य की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि भोपाल मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक 6 के समीप फेंसिंग और बैरिकेडिंग पूरी तरह नहीं हटाई गई है, जिससे आमजन को आवागमन में परेशानी हो रही है।

मेट्रो रेल प्रशासन ने हाईकोर्ट में प्रस्तुत हलफनामे में दावा किया था कि बैरिकेडिंग हटा दी गई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से इस पर आपत्ति दर्ज कराए जाने के बाद एकलपीठ ने भोपाल कलेक्टर को स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।

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कलेक्टर द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया कि याचिकाकर्ताओं को मात्र लगभग 3.75 फीट चौड़ा संकरा मार्ग उपलब्ध कराया गया है, जो सामान्य आवागमन के लिए पर्याप्त नहीं है। साथ ही, तीनों ओर की बैरिकेडिंग भी पूरी तरह नहीं हटाई गई है, जबकि महाप्रबंधक द्वारा न्यायालय में दायर शपथपत्र में बैरिकेडिंग पूर्णतः हटाए जाने का उल्लेख किया गया था।

मामले को गंभीर मानते हुए एकलपीठ ने मेट्रो रेल निगम के महाप्रबंधक हरिओम शर्मा को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी को निर्धारित की गई है।



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