उज्जैन में दोपहर की गर्मी और उमस के बाद शाम को मौसम अचानक बदल गया। आसमान में बिजली कड़की और तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान की आशंका बढ़ गई।
मौसम विभाग ने बताया कि कई सक्रिय वेदर सिस्टम के कारण अगले चार दिनों तक आंधी, बारिश, गरज-चमक और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना बनी रहेगी। जिले में तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी जारी की गई है। विभाग ने 96 घंटे का येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लगातार बादलों की आवाजाही के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।
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मौसम में इस बदलाव की मुख्य वजह एक साथ कई सिनॉप्टिक सिस्टम का सक्रिय होना है। उत्तर ईरान और कैस्पियन सागर के ऊपर बने पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर भारत तक पहुंच रहा है। वहीं उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जिससे मध्य भारत की ओर नमी आ रही है। इसके अलावा राजस्थान से उत्तर मध्य प्रदेश तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है, जबकि दूसरी ट्रफ ओडिशा से तमिलनाडु तक फैली है। साथ ही, उत्तर भारत के ऊपर करीब 12.6 किमी की ऊंचाई पर पश्चिमी जेट स्ट्रीम लगभग 148 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सक्रिय है।
मौसम विभाग के अनुसार 1 अप्रैल से बारिश का दायरा और बढ़ेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में और गिरावट आ सकती है। वहीं 2 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और भोपाल संभाग में देखने को मिल सकता है। प्रदेश के करीब 70 प्रतिशत हिस्से में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

कुछ समय के लिए ओले भी गिरे
