ग्वालियर जिला न्यायालय ने अपने नाना सहित अन्य परिजनों को मैगी में नींद की गोलियां मिलाकर खिलाने वाली नातिन को गैर इरादतन हत्या के मामले में सजा सुनाई है। उसे जिला न्यायालय से न्यायिक अभिरक्षा में सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। काजल नाम की यह लड़की घर से कीमती सामान लेकर भाग निकली थी। बीमार नाना ने घटना के तीन दिन बाद ही दम तोड़ दिया था।
ये भी पढ़ें: Indore News: न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले फील्डिंग करना होगा मास्टरस्ट्रोक, ओस गिरने के बाद बदलेगी रणनीति
इस मामले में जिला न्यायालय ने आरोपी नातिन काजल को 7 साल के सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया है जबकि उसके प्रेमी को दोष मुक्त कर दिया है। सिरोल थाना क्षेत्र की काजल अपने प्रेमी के साथ घर का सामान लेकर भाग निकली थी। भागने से पहले उसने मैगी में बड़ी मात्रा में नींद की गोलियां मिलाकर अपने नाना को खिला दी थीं, जिससे वे बेहोश हो गए थे। काजल ने अपने मामा सोनू को भी यह मैगी खिलाई थी लेकिन वे किसी तरह बच गए। नाना किशनलाल हृदय रोग और टीबी से पीड़ित थे, नींद की गोलियों ने उन पर व्यापक असर किया और उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने इस पूरे के मामले की जांच की और उसके बाद काजल गिरफ्तार कर लिया था। काजल ने पुलिस को बताया कि उसने मैगी में एक दर्जन से अधिक नींद की गोलियां मिलाई थीं और उसके बाद उसने यह मैगी अपने नाना और मामा को खिलाई थी लेकिन इस घटना के तीन दिन बाद उसके नाना की मौत हो गई थी। काजल खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।