कतर में नौसेना के पूर्व कमांडर पुर्णेंदु तिवारी को एक बार फिर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जिसके बाद उनके परिवार ने पीएम मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मदद की गुहार लगाई है। तिवारी 2022 में गिरफ्तार किए गए भारतीय नौसैना के आठ पूर्व अधिकारियों में शामिल थे, जिनमें से सात को माफी मिलने के बाद भारत लौटने की अनुमति मिली थी। पुर्णेंदु तिवारी भारतीय नौसेना के उन आठ पूर्व अधिकारियों में शामिल थे, जिन्हें 16 अगस्त 2022 को कतर में गिरफ्तार किया गया था और उन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी।

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कूटनीतिक प्रयासों के बाद कतर सरकार ने उनमें से सात को माफी दे दी थी और वे पिछले साल फरवरी 2025 में भारत लौट आए थे। हालांकि, एक अलग कानूनी मामले के चलते पुर्णेंदु तिवारी भारत नहीं लौट सके। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, पुर्णेंदु तिवारी एक अलग वित्तीय जांच का सामना कर रहे थे। रिटायर्ड नौसेना अधिकारी पुर्णेंदु तिवारी की बहन डॉक्टर मीतू भार्गव ग्वालियर में रहती हैं और उन्होंने भारत सरकार से अपने भाई की वापसी की गुहार लगाई है। उन्होंने वीडियो जारी करके सरकार से आग्रह किया है।

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आपको बता दें कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी के साथ भारत यात्रा के दौरान यह मामला उठाया था। उन्होंने कतर में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता की भी सराहना की थी और दोनों देशों के बीच मजबूत कूटनीतिक संबंधों का जिक्र किया था। फिलहाल तिवारी जेल में हैं और पिछले कुछ दिनों में वह अपने परिवार से केवल दो बार ही बात कर पाए हैं।



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