संगीत नगरी ग्वालियर एक बार फिर सुरों से सराबोर होने जा रही है। 101वें विश्व संगीत तानसेन समारोह का शुभारंभ 15 दिसंबर से होगा। पांच दिन तक शहर के विभिन्न स्थलों पर संगीत सभाएं आयोजित होंगी, जबकि मुख्य समारोह हर वर्ष की तरह हज़ीरा स्थित संगीत सम्राट तानसेन की समाधि पर ही होगा। उद्घाटन समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शामिल होने की संभावना है।
इस वर्ष की थीम: ग्वालियर के चतुर्भुज ‘शून्य’ मंदिर से प्रेरित
तानसेन समारोह 2025 की थीम इस बार ग्वालियर के ऐतिहासिक चतुर्भुज मंदिर पर आधारित है, जिसे ‘शून्य’ मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। आयोजकों के अनुसार इस थीम के माध्यम से ग्वालियर के वैश्विक इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर को उजागर किया जाएगा।
स्थानीय कलाकारों और युवाओं को भी मंच
उस्ताद अली खान संगीत एवं कला अकादमी के निदेशक प्रकाश सिंह ठाकुर ने बताया कि इस बार पद्मविभूषण और पद्मश्री कलाकारों के साथ स्थानीय और युवा कलाकारों को भी प्रस्तुति का अवसर दिया जा रहा है। उनका कहना है कि नई पीढ़ी को मंच देना आवश्यक है, ताकि संगीत की परंपरा और अधिक सशक्त हो सके।
क्या इस बार भी बनेगा विश्व रिकॉर्ड?
संस्कृति विभाग के उपसंचालक अमित कुमार यादव ने बताया कि पिछले वर्ष शताब्दी समारोह में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया गया था, लेकिन इस बार ऐसे किसी रिकॉर्ड की योजना नहीं है। अमित कुमार यादव ने कहा कि 100वां वर्ष विशेष था, जबकि इस बार समारोह नियमित स्वरूप में आयोजित होगा।
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उस्ताद अमजद अली खान की विशेष प्रस्तुति 16 दिसंबर को
अमित कुमार यादव ने बताया कि समारोह में देश के कई प्रतिष्ठित कलाकार प्रस्तुति देंगे। पद्म विभूषण उस्ताद अमजद अली खान अपने पुत्रों अमन अली और अयान अली बंगश के साथ 16 दिसंबर को प्रस्तुति देंगे। उनके अलावा पद्मश्री सुमित्रा गुहा, संजीव अभियंकर, कलापिनी कोमकली और मैसूर मंजूनाथ सहित कई दिग्गज कलाकार शिरकत करेंगे।
विदेशी कलाकारों की संख्या सीमित, केवल एक प्रस्तुति 17 दिसंबर को
हाल के वर्षों में तानसेन समारोह अंतरराष्ट्रीय संगीत महोत्सव बन चुका है, लेकिन इस बार विदेशी कलाकारों की भागीदारी सीमित रहेगी। विभाग के अनुसार स्थानीय कलाकारों द्वारा समय की कमी और मंच विभाजन को लेकर उठाई गई आपत्तियों के बाद कम विदेशी कलाकारों को आमंत्रित किया गया था। अप्रोच किए गए चार में से दो ही सहमत हुए थे, परंतु वे अंतिम समय में नहीं आ पाए। अब केवल एक विदेशी प्रस्तुति होगी, जिसमें 17 दिसंबर की पहली संगीत सभा में रोम के बांसुरी वादक सिमोन मैटिएली प्रदर्शन करेंगे।
