गणतंत्र दिवस उज्जैन केंद्रीय जेल के कुछ बंदियों के लिए नई शुरुआत लेकर आएगा। 26 जनवरी को उज्जैन जेल से पांच कैदियों की रिहाई को मंजूरी दी गई है, जबकि 45 बंदियों की समयपूर्व रिहाई के प्रस्ताव विभिन्न कारणों से फिलहाल स्थगित कर दिए गए हैं।

इन लोगों को मिल रही आजादी

शासन द्वारा जारी सूची के अनुसार उज्जैन सर्कल से बाबूलाल पिता हीरालाल, रमेशचंद्र पिता अंबराम, मोहनलाल पिता शंकरलाल, समरथ पिता लालू और दिलीप पिता मांगीलाल की रिहाई स्वीकृत की गई है। हालांकि दिलीप पिता मांगीलाल को किसी अन्य प्रकरण में बंद होने के कारण रिहाई के बाद भी जेल में ही रहना होगा।

अच्छे आचरण के आधार पर मिली रिहाई

जेल विभाग के अनुसार इन बंदियों की रिहाई अच्छे आचरण और जेल मैन्युअल की शर्तों के पालन के आधार पर की जा रही है। यह निर्णय भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 एवं दंड प्रक्रिया संहिता की संबंधित धाराओं के अंतर्गत लिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया कि केवल उन्हीं बंदियों को चयनित किया गया है, जिन्होंने पात्रता की सभी आवश्यक शर्तें पूरी की हैं।

45 प्रस्ताव निरस्त

26 जनवरी पर समयपूर्व रिहाई के लिए प्रदेशभर से जेल विभाग को करीब 481 प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इनमें से 87 बंदियों की समयपूर्व रिहाई को स्वीकृति दी गई, जबकि कड़े नियमों और तकनीकी कारणों के चलते 394 प्रस्ताव खारिज कर दिए गए। इनमें उज्जैन सर्कल के भी 45 प्रस्ताव शामिल हैं।

ये भी पढ़ें: सिंहस्थ के पहले उज्जैन में ऐसा क्या होगा कि उमड़ेगा आस्थावानों का सैलाब? प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती

औपचारिकताएं पूरी: जेल अधीक्षक 

जेल अधीक्षक मनोजकुमार साहू ने बताया कि पात्र बंदियों की समयपूर्व रिहाई के लिए सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि जिन बंदियों का आचरण जेल मैन्युअल के अनुरूप पाया गया, उन्हीं को इस सुविधा का लाभ दिया जा रहा है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed