भिंड जिले की उमरी थाना पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और तत्काल लोन का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो राजस्थान के सीकर जिले के निवासी हैं। आरोपी पहले ऑनलाइन गेमिंग में छोटी रकम जिताकर लोगों का भरोसा जीतते थे और फिर बड़े दांव लगवाकर लाखों रुपये की ठगी को अंजाम देते थे।

हजारों की जीत, फिर लाखों की ठगी

पुलिस के अनुसार आरोपी युवाओं को ऑनलाइन गेमिंग, सरकारी योजनाओं और तत्काल लोन का लालच देते थे। शुरुआत में पीड़ितों को 40 से 50 हजार रुपये तक की जीत दिखाकर भरोसा जमाया जाता था। जैसे ही पीड़ित बड़ी रकम लगाने लगता, तकनीकी तरीके से गेम में हार दिखाकर उसकी पूरी राशि हड़प ली जाती थी। इस तरह हजारों की जीत के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की जाती थी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, उत्तरप्रदेश और हरियाणा सहित कई राज्यों में दलालों के माध्यम से लोगों के बैंक खाते खरीदते थे। इन खातों का इस्तेमाल म्यूल अकाउंट के रूप में किया जाता था। खाते होल्ड होने से पहले ही क्यूआर कोड और डिजिटल पेमेंट के जरिए रकम निकाल ली जाती थी। महज कुछ महीनों में इन खातों से करोड़ों रुपये का लेन–देन किया गया।

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मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब एक फरियादी ने थाना उमरी में शिकायत दर्ज कराई। फरियादी ने बताया कि बहरोड़ (सीकर, राजस्थान) में उसकी मुलाकात आरोपियों से हुई थी। उन्होंने सरकारी और प्राइवेट लोन दिलाने का झांसा देकर उसका बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम, आधार और पैन कार्ड की प्रतियां ले लीं। बाद में उसके दोस्तों और रिश्तेदारों के भी दस्तावेज हासिल कर लिए गए। जब लोन नहीं मिला और खातों की जांच कराई गई, तो उनमें लाखों रुपये के संदिग्ध लेन–देन सामने आए।

संयुक्त टीम ने की कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक भिंड डॉ. असित यादव के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव पाठक और एसडीओपी दीपक तोमर के मार्गदर्शन में उमरी, नयागांव, बरौही थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई।तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर सूचना के आधार पर 20 दिसंबर 2025 को गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के छीमका गांव के पास घेराबंदी कर आरोपियों को अर्टिगा कार सहित गिरफ्तार किया गया।पुलिस पूछताछ में आरोपियों द्वारा तीन करोड़ रुपये से अधिक के लेन–देन की पुष्टि हुई है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क से जुड़े खातों की गहन जांच कर रही है।

उमरी थाना प्रभारी निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत ने आम जनता से अपील की है कि पैसों के लालच में आकर किसी को भी अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, आधार या पैन कार्ड न दें। अंजान लोगों के कहने पर खाते में लेन–देन न करें और सोशल मीडिया या टेलीग्राम के जरिए ऑनलाइन गेमिंग से पैसे कमाने के झांसे में न आएं।

 



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