पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी का असर अब ग्वालियर-चंबल अंचल में साफ दिखाई देने लगा है। मंगलवार को सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ है। दिनभर धूप नहीं निकली और दोपहर बाद बादल छाने के साथ हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई, जो बाद में रिमझिम बारिश में बदल गई। बीते करीब आठ घंटों से जिले में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है।
बारिश के चलते ठंड में इजाफा हो गया है। तीन दिन पहले जहां अधिकतम तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा रहा था, वहीं अब अधिकतम तापमान गिरकर 21 से 22 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार बारिश के चलते ठंड और बढ़ने की संभावना है।
तापमान में गिरावट के कारण लोगों को दिन में भी ठंड का एहसास होने लगा है। आंशिक बादलों के बीच धूप जरूर निकली, लेकिन उसमें पहले जैसी तीव्रता नहीं रही। मौसम विभाग ने पहले ही मंगलवार और बुधवार को ग्वालियर सहित आसपास के इलाकों में बादल छाने और बारिश की चेतावनी जारी की थी, जो अब सही साबित हो रही है।
मंगलवार सुबह ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह 8:30 बजे तापमान 12.6 डिग्री रहा, जबकि सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। मंगलवार दोपहर 2 बजे भी तापमान 21 डिग्री के आसपास बना रहा। इस तरह दिन और रात के तापमान में महज 10 डिग्री का अंतर रह गया है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले 24 घंटे तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है। बसंत पंचमी के बाद जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हुई भारी बर्फबारी का असर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों तक पहुंच गया है। ग्वालियर-चंबल अंचल में ठंडी हवाओं के चलते एक बार फिर कंपकंपाने वाली ठंड लौट आई है। बादलों की वजह से धूप कमजोर पड़ गई है और लोग दोबारा अलाव का सहारा लेते नजर आ रहे हैं।
कोहरे और खराब मौसम का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। दिल्ली से ग्वालियर आने वाली शताब्दी एक्सप्रेस करीब 25 मिनट की देरी से पहुंची। इसके अलावा पंजाब मेल, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस सहित कई अन्य ट्रेनें भी विलंब से चल रही हैं। दिल्ली की ओर जाने वाली कुछ ट्रेनें भी देरी का शिकार हुई हैं।
