भोपाल में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुलिस लगातार जागरूकता अभियान और एडवाइजरी जारी कर रही है, इसके बावजूद साइबर जालसाज आम लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ताजा मामला कोलार क्षेत्र से सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर एक रिटायर्ड कर्मचारी को डिजिटल अरेस्ट कर तीन लाख रुपये की ठगी कर ली।
तीन दिन तक वीडियो कॉल पर धमकाया
कोलार पुलिस के अनुसार शिरडीपुरम, कोलार रोड निवासी जगन्नाथ राठौर बिजली विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। 4 जनवरी को उन्हें अज्ञात नंबरों से फोन आए, जिसमें कॉल करने वालों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए किसी आपराधिक मामले में उनका नाम होने की बात कही। सीबीआई का नाम सुनते ही वे घबरा गए और किसी को इसकी जानकारी नहीं दी।
साइबर ठगों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से खुद को अलग-अलग अधिकारी बताकर फोन और वीडियो कॉल किए। तीन दिनों तक उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखने का डर दिखाया गया और मामले को सेटल करने के नाम पर बताए गए खाते में तीन लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने कोलार थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नौकरी के नाम पर भी लाखों की ठगी
इधर, भोपाल में नौकरी के नाम पर दो महिलाओं से लाखों रुपये ठगे जाने के मामले भी सामने आए हैं। इंद्रपुरी निवासी 27 वर्षीय शिखा माया पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश कर रही थीं। ऑनलाइन माध्यम से संपर्क करने वाले एक व्यक्ति ने उन्हें टास्क पूरा करने का काम दिया और कुछ रकम जमा करवाकर टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ लिया। शुरुआत में कुछ पैसे वापस कर विश्वास में लिया गया, फिर बार-बार रकम जमा करवाई गई। इस तरह साइबर ठगों ने शिखा से कुल 2 लाख 87 हजार रुपये ठग लिए और मोबाइल बंद कर लिया।
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इसी तरह बैरागढ़ क्षेत्र में रहने वाली प्रतीका मीना को वर्क फ्रॉम होम का झांसा देकर साइबर ठगों ने 2 लाख 54 हजार रुपये की ठगी कर ली।
पुलिस ने की सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने दोनों मामलों में प्रकरण दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। साथ ही आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल, डिजिटल अरेस्ट, नौकरी या निवेश के नाम पर पैसे ट्रांसफर न करें और तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
