मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज कनाडा में पढ़ाई कर रहे छात्र गुरकीरत सिंह मनोचा के उज्जैन स्थित पार्श्वनाथ सिटी निवास पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के माध्यम से कनाडा सरकार से संपर्क किया जा रहा है और गुरकीरत के पार्थिव शरीर को भारत लाने में आने वाला पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी।

मुख्यमंत्री ने गुरकीरत के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एक होनहार छात्र की असामयिक मृत्यु से वे अत्यंत दुखी हैं और बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। गौरतलब है कि दो दिन पहले कनाडा में गुरकीरत सिंह की कार चढ़ाकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना से परिवार गहरे सदमे में है।

मुख्यमंत्री की घोषणा से पहले परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा था। परिजनों के अनुसार, कनाडा में शव सौंपने के लिए करीब 40 हजार डॉलर (लगभग 35 लाख रुपए) जमा कराने की बात कही गई थी। इसके अलावा शव को भारत लाने में लगभग 10 लाख रुपए का अतिरिक्त खर्च भी आता। जांच प्रक्रिया के चलते शव 15 दिन बाद ही मिलने की संभावना जताई गई थी।

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गुरकीरत के पिता गुरजीत सिंह ने बताया कि उनका बेटा करीब सवा साल पहले पढ़ाई के लिए कनाडा गया था। वह बेहद शांत और नेक स्वभाव का था और कभी किसी विवाद में नहीं पड़ता था। उन्होंने बताया कि कनाडा पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।

कनाडा में हत्या के मामलों में शव सौंपने की प्रक्रिया लंबी और सख्त होती है। जांच पूरी होने और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही पार्थिव देह परिजनों को सौंपी जाती है। परिवार का अनुमान है कि शव भारत लाने में दो से तीन सप्ताह का समय लग सकता है।



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