सीबीएसई बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के बीच सख्त चेतावनी जारी की है। चलिए आपको पूरी खबर बताते हैं। …और पढ़ें

HighLights
- सीबीएसई ने मूल्यांकन प्रक्रिया की गोपनीयता पर सख्ती दिखाई
- सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करने पर शिक्षकों पर कार्रवाई संभव
- फेक न्यूज और भ्रामक पोस्ट पर एफआईआर दर्ज करने की चेतावनी
डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। सीबीएसई बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के बीच सख्त चेतावनी जारी की है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि मूल्यांकन प्रक्रिया की गोपनीयता भंग करने या सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने पर शिक्षकों और संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें एफआईआर तक दर्ज हो सकती है।
सोशल मीडिया पर पोस्ट करना पड़ेगा भारी
बोर्ड के अनुसार कुछ शिक्षक और कर्मचारी व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर कॉपी जांच से जुड़े अनुभव, अंक या फोटो साझा कर रहे हैं। सीबीएसई ने इसे गंभीर उल्लंघन मानते हुए साफ किया है कि मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय होती है और इसका सार्वजनिक प्रसार नियमों के खिलाफ है।
आईटी एक्ट के तहत हो सकती है कार्रवाई
सीबीएसई ने केंद्र समन्वयकों को निर्देश दिए हैं कि वे सभी मूल्यांकनकर्ताओं को इस संबंध में सतर्क करें। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करना या गलत जानकारी फैलाना आईटी एक्ट के तहत अपराध माना जाएगा और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फेक अपडेट पर भी सख्ती
बोर्ड ने यह भी कहा कि कुछ यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स फर्जी तरीके से सीबीएसई का नाम, लोगो और तस्वीरों का इस्तेमाल कर गलत जानकारी फैला रहे हैं। ऐसे मामलों पर साइबर सेल की नजर है और जरूरत पड़ने पर सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी।
शिक्षकों के करियर पर पड़ सकता है असर
सीबीएसई ने साफ किया है कि यदि कोई शिक्षक उत्तरपुस्तिका की फोटो शेयर करता है या अंकों पर सार्वजनिक चर्चा करता है, तो इसे प्रोफेशनल कंडक्ट का उल्लंघन माना जाएगा। इससे उनकी सेवा रिकॉर्ड पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।
छात्रों और अभिभावकों से अपील
बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे रिजल्ट या परीक्षा से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें और सोशल मीडिया पर वायरल खबरों से बचें।
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