सिरोही जिले का एक बालक इंदौर, मध्यप्रदेश में लावारिस अवस्था में मिलने के बाद बाल मजदूरी के मामले में सामने आया है। 16 फरवरी 2026 को पुलिस को यह बालक संदिग्ध स्थिति में मिला, जिसके बाद उसे आवश्यक प्रक्रिया के तहत बाल कल्याण समिति, इंदौर के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

 

पूछताछ में सामने आया चौंकाने वाला तथ्य

बालक से पूछताछ के दौरान यह जानकारी सामने आई कि उसे उसके सगे भाई ने ही 5 हजार रुपये में कमाने के लिए भेजा था। बताया गया कि जिस स्थान पर वह बाल मजदूरी कर रहा था, वहां से वह भाग निकला और बाद में पुलिस के हाथ लगा।

 

सामाजिक जांच के बाद हुई पहचान की पुष्टि

बालक द्वारा स्वयं को सिरोही जिले का निवासी बताए जाने पर बाल कल्याण समिति, इंदौर ने बाल संरक्षण इकाई सिरोही से सामाजिक जांच रिपोर्ट मांगी। जांच के बाद यह पुष्टि हुई कि बालक वास्तव में सिरोही का ही निवासी है।

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समिति के माध्यम से सिरोही भेजा गया बालक

इसके बाद उपनिरीक्षक प्रेमसिंह मेघवाल, सहायक उपनिरीक्षक इसाक खान, प्रधान आरक्षक दीपक प्रजापत और आरपी लाइन इंदौर के माध्यम से बालक को आवश्यक दस्तावेजों सहित बाल कल्याण समिति, सिरोही को सौंप दिया गया। यह प्रक्रिया समिति अध्यक्ष रतन बाफना और अन्य सदस्यों की उपस्थिति में पूरी की गई।

 

फिलहाल किशोर गृह में सुरक्षित, आगे की कार्रवाई जारी

बालक को फिलहाल किशोर गृह, सिरोही में सुरक्षित रखा गया है। समिति द्वारा बालक के भाई से मोबाइल के माध्यम से संपर्क कर जानकारी भी जुटाई गई है। संबंधित विभाग द्वारा अब आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

 



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