राजधानी भोपाल में धमकी भरे ई-मेल का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को एमपी नगर स्थित नापतौल विभाग के कार्यालय को लगातार दूसरे दिन बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते यह धमकी भी अफवाह साबित हुई।
ई-मेल में दावा किया गया था कि कार्यालय परिसर में ड्रोन के माध्यम से चार छोटे आरडीएक्स बम लगाए गए हैं, जो मंगलवार, 17 मार्च को दोपहर 2 बजे विस्फोट करेंगे। साथ ही कर्मचारियों को तुरंत कार्यालय खाली करने की चेतावनी दी गई थी। सूचना मिलते ही एमपी नगर पुलिस मौके पर पहुंची और एहतियात के तौर पर सभी कर्मचारियों को बाहर निकालकर पूरे परिसर की सघन तलाशी ली।
थाना प्रभारी जय हिंद शर्मा ने बताया कि बम निरोधक दस्ते और पुलिस टीम द्वारा की गई जांच में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
शरारती तत्व की आशंका
पुलिस अब ई-मेल भेजने वाले अज्ञात व्यक्ति की तलाश में जुटी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक दिन पहले भी इसी कार्यालय को इसी तरह का धमकी भरा मेल मिला था, जिसमें पुलिस की जांच क्षमता को चुनौती देने जैसी बातें लिखी गई थीं। इससे आशंका जताई जा रही है कि कोई शरारती तत्व जानबूझकर अफवाह फैलाकर प्रशासन को चुनौती दे रहा है। गौरतलब है कि इससे पहले भी भोपाल के करोंद क्षेत्र स्थित पीपुल्स यूनिवर्सिटी और पीपुल्स मेडिकल कॉलेज को जनवरी और फरवरी में दो बार साइनाइड बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। हर बार जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
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पुलिस के सामने चुनौती
लगातार मिल रही इन धमकियों ने पुलिस और साइबर क्राइम ब्रांच के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। चारों मामलों में ई-मेल के जरिए धमकी भेजी गई, लेकिन अब तक आरोपी का कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस को संदेह है कि इन घटनाओं के पीछे एक ही व्यक्ति का हाथ हो सकता है। फिलहाल पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है और जल्द आरोपी तक पहुंचने का दावा कर रही है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और सतर्क रहें।
