उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल की भक्ति का एक भावुक दृश्य देखने को मिला। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के रहने वाले 60 वर्षीय दृष्टिहीन भक्त सुशील कुमार को मंदिर प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों की मदद से बाबा महाकाल के विशेष दर्शन कराए गए। इस दौरान मंदिर परिसर भक्ति और श्रद्धा के भाव से भर गया।
पहली बार बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे उज्जैन
जानकारी के अनुसार फतेहपुर जिले के अनोखी निवासी सुशील कुमार आंखों से देख नहीं सकते, लेकिन बाबा महाकाल के प्रति उनकी आस्था उन्हें उज्जैन तक खींच लाई। सुशील पहली बार उज्जैन पहुंचे थे और बैरिकेड्स से बाबा महाकाल के दर्शन कर रहे थे। इस दौरान वह लगातार “ॐ नमः शिवाय” का जाप कर रहे थे।
सुरक्षा गार्ड्स ने भक्ति देखकर करवाए विशेष दर्शन
मंदिर के सुरक्षा गार्ड्स की नजर जब सुशील कुमार पर पड़ी, तो उन्होंने उनकी गहरी भक्ति को महसूस किया। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें बैरिकेड्स से बाहर निकालकर नंदी हॉल तक पहुंचाया। वहां सुशील कुमार को बाबा महाकाल के नजदीक से दर्शन करवाए गए। इस दौरान वह बंद आंखों से भी लगातार “ॐ नमः शिवाय” का जाप करते रहे।
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दर्शन के बाद भावुक हुए सुशील कुमार
दर्शन के बाद सुशील कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि श्री महाकालेश्वर मंदिर की दर्शन व्यवस्था बहुत अच्छी है। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन और कर्मचारियों ने उनकी काफी मदद की। उन्होंने कहा कि वह पहली बार बाबा महाकाल के दर्शन करने उज्जैन आए थे और यहां उन्हें पूरा सहयोग मिला।
सुशील कुमार ने भावुक होते हुए कहा कि आंखें नहीं होने के कारण वह बाबा महाकाल की छवि तो नहीं देख सके, लेकिन मंदिर की इतनी अच्छी व्यवस्था और यहां मिला सम्मान उन्हें हमेशा याद रहेगा।
पोते ने पूरी की दादाजी की इच्छा
सुशील कुमार के पोते ब्रजलाल ने बताया कि उनके दादाजी की लंबे समय से बाबा महाकाल के दर्शन करने की इच्छा थी। इसी वजह से वह उन्हें उज्जैन लेकर आए। उन्होंने कहा कि मंदिर की व्यवस्था काफी अच्छी है और यहां आने वाले हर श्रद्धालु को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराए जाते हैं।
