भोपाल में मंगलवार को बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। पांच दिवसीय कार्य सप्ताह (5-डे वीक) लागू करने की मांग को लेकर शहर के बैंककर्मी हड़ताल पर रहे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर हुए इस आंदोलन के चलते राजधानी की अधिकांश बैंक शाखाओं में ताले लटके रहे, जिससे ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बताने की प्रदेश भर के करीब 40 हजार बैंककर्मी हड़ताल पर हैं। इससे बैंकों की 7 हजार से ज्यादा ब्रांच में ताले लटक गए हैं। ग्राहकों की परेशानी इसलिए ज्यादा बढ़ गई क्योंकि पिछले तीन दिन से बैंक की पहले से छुट्टी चल रही। 

एमपी नगर में रैली, सरकारी प्रेस के सामने प्रदर्शन

भोपाल में बैंककर्मियों ने एमपी नगर क्षेत्र में रैली निकाली और सरकारी प्रेस के सामने सभा की। बड़ी संख्या में कर्मचारी बैनर-पोस्टर के साथ पहुंचे और केंद्र सरकार से तत्काल 5-डे वीक लागू करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी कर अपनी नाराजगी जताई।

दो साल से लंबित है 5-डे वीक का फैसला

कॉर्डिनेटर बैंक यूनियंस वीके शर्मा ने बताया कि बैंक यूनियंस के अनुसार, 8 मार्च 2024 को सरकार और बैंक यूनियनों के बीच 5-डे वीक को लेकर समझौता हुआ था। इसके बावजूद अब तक इस पर अंतिम मंजूरी नहीं मिल सकी है। उन्होंने बताया कि 690 दिन बीत जाने के बाद भी सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

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कई सेवाएं प्रभावित, कारोबार पर असर

हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में चेक क्लियरेंस, नकद लेन-देन, ड्राफ्ट और अन्य काउंटर सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। इससे शहर में एक ही दिन में लाखों-करोड़ों रुपए के लेन-देन प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है। कुछ इलाकों में एटीएम में नकदी की कमी की आशंका भी बनी रही।

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डिजिटल सेवाएं रहीं चालू

हड़ताल के बावजूद डिजिटल बैंकिंग सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा। UPI, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहीं। बैंक प्रशासन ने ग्राहकों को ऑनलाइन माध्यमों से लेन-देन करने की सलाह दी।आंदोलन तेज करने की चेतावनी यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 5-डे वीक की मांग जल्द पूरी नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा। बैंककर्मियों ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई कार्य-जीवन संतुलन और समान अधिकारों के लिए है।



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