राजधानी भोपाल से गुजरने वाली ट्रेनों में यात्रियों के साथ चोरी और लूट की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। बदमाश चलती ट्रेनों और स्टेशनों पर यात्रियों को निशाना बनाकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। बीते दिनों अलग-अलग ट्रेनों में आधा दर्जन से अधिक चोरी की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिससे यात्रियों में दहशत का माहौल है।
ताजा मामला मंगला दीप एक्सप्रेस का है। दमोह निवासी मयंक कुमार गुप्ता अपने परिवार के साथ मंगला दीप एक्सप्रेस से मंगलौर से बीना की यात्रा कर रहे थे। भोपाल स्टेशन से ट्रेन के रवाना होते ही एक अज्ञात बदमाश उनकी सीट पर रखा लेडीज पर्स उठाकर चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया। चोरी गए पर्स में करीब 3 हजार रुपये नकद, चार्जर, हेडफोन, जरूरी आईडी, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड सहित अन्य सामान रखा हुआ था।
इसी तरह स्टेशन बजरिया निवासी मुकेश पटेल अपनी पत्नी को झेलम एक्सप्रेस में बिठाने के लिए भोपाल स्टेशन पहुंचे थे। पत्नी को ट्रेन में बैठाने के बाद जब उन्होंने अपनी जेब टटोली तो पैंट की जेब में रखे 25 हजार रुपये गायब मिले।
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एक अन्य घटना में जीटी एक्सप्रेस से दिल्ली से नागपुर की यात्रा कर रही समृद्धि नामक महिला यात्री अपना आईफोन सीट के सिरहाने रखकर सो गई थीं। रानी कमलापति स्टेशन पर जब उनकी नींद खुली तो उनका आईफोन चोरी हो चुका था, जिसकी कीमत करीब 70 हजार रुपये बताई जा रही है।
एक अन्य घटना में नागपुर निवासी पराग रामदास अपने परिवार के साथ अम्बेडकर नगर सुपरफास्ट के एसी कोच में नागपुर से इंदौर की यात्रा कर रहे थे। उन्होंने अपनी माताजी का लेडीज पर्स सीट के सिरहाने रखा था। रानी कमलापति स्टेशन पहुंचने पर पर्स गायब मिला। पर्स में दो मोबाइल फोन, आधार कार्ड और करीब 25 हजार रुपये का सामान था।
इसी प्रकार भोपाल निवासी मरिटा बेबी थॉमस अपने परिवार के साथ इंटरसिटी एक्सप्रेस से पिपरिया से रानी कमलापति स्टेशन आ रही थीं। प्लेटफार्म क्रमांक पांच पर ट्रेन से उतरने और सेकंड एंट्री से बाहर निकलने पर उन्होंने देखा कि उनके पर्स की साइड वाली जेब की चेन खुली हुई थी और अंदर रखा मोबाइल फोन चोरी हो चुका था। चोरी गए मोबाइल की कीमत करीब 29 हजार रुपये बताई गई है।
लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद यात्रियों ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। यात्रियों का कहना है कि स्टेशनों और ट्रेनों में गश्त बढ़ाने के साथ ही संदिग्धों पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है, ताकि इस तरह की वारदातों पर रोक लग सके।
