मध्यप्रदेश में कांग्रेस संगठन को लेकर एक बार फिर बड़ा निर्णय सामने आया है। छिंदवाड़ा, मऊगंज, झाबुआ और सागर जिला कांग्रेस कमेटियों की हाल ही में घोषित कार्यकारिणी को एआईसीसी ने होल्ड कर दिया है। अब इन जिलों की नई कार्यकारिणी संशोधित गाइडलाइन के अनुसार गठित की जाएगी। दरअसल, 30 जनवरी को इन चार जिलों की जिला कांग्रेस कमेटियों (DCC) की घोषणा की गई थी। लेकिन पदाधिकारियों की संख्या को लेकर आपत्तियां सामने आईं। खासतौर पर छिंदवाड़ा में 250 से अधिक पदाधिकारी बनाए जाने पर सवाल उठे। सागर में 141 और मऊगंज में 59 पदाधिकारी घोषित किए गए थे। संगठन में बढ़ती संख्या को लेकर पार्टी हाईकमान ने सख्ती दिखाई है। एआईसीसी ने नई गाइडलाइन जारी करते हुए जिला कार्यकारिणी की संख्या 31 और 51 सदस्यीय संरचना में तय कर दी है।

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एआईसीसी ने जारी की नई गाइडलाइन

आपत्तियों के बाद एआईसीसी ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए जिला कार्यकारिणी की संरचना और पदाधिकारियों की संख्या तय कर दी है। अब पूरे प्रदेश में जिला कांग्रेस कमेटियों का गठन एक तय प्रारूप के तहत किया जाएगा। जिन जिलों की कार्यकारिणी पहले घोषित हो चुकी है, उन्हें नई सूची से रिप्लेस किया जाएगा।एमपी कांग्रेस के संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले ने स्पष्ट किया कि कार्यकारिणी निरस्त नहीं की गई है, बल्कि नई गाइडलाइन के अनुसार पुनर्गठन किया जाएगा।

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छिंदवाड़ा पर सबसे ज्यादा चर्चा

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में 258 पदाधिकारियों की नियुक्ति ने सबसे अधिक सुर्खियां बटोरी थीं। यहां कमलनाथ और नकुलनाथ को संरक्षक बनाया गया था। बड़ी संख्या में महामंत्री और अन्य पदाधिकारियों की नियुक्ति के बाद संगठनात्मक संतुलन पर सवाल उठे, जिसके बाद हाईकमान ने दखल दिया।अब नई गाइडलाइन लागू होने के बाद प्रदेशभर में कांग्रेस संगठन का ढांचा सीमित और व्यवस्थित रूप में दिखाई देगा। पार्टी नेतृत्व का संदेश साफ है संगठन में संख्या नहीं, संरचना और संतुलन प्राथमिकता होगी।

 



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