राजधानी भोपाल के बड़े तालाब स्थित वीआईपी रोड पर बने लोकप्रिय सेल्फी पॉइंट पर गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) की गंभीर लापरवाही सामने आई है। सेल्फी पॉइंट से सटी जीएमसी की नई इमारत से जुड़ी बिजली सप्लाई की केबलें खुले में पड़ी हैं, जो कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकती हैं। हैरानी की बात यह है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) की चेतावनी और पत्राचार के बावजूद अब तक स्थिति नहीं सुधरी है। जीएमसी परिसर की पिछली दीवार के ठीक बाहर स्थित यह सेल्फी पॉइंट रोजाना सैकड़ों लोगों की मौजूदगी वाला सार्वजनिक स्थान है। यहां कई जगह बिजली के तार खुले पड़े हैं, कुछ केबल कटे हुए हैं और कई हिस्सों में इन पर लगातार पानी गिरता रहता है। हाल ही में इसी स्थान पर शॉर्ट सर्किट के चलते आग लगने की घटना भी हो चुकी है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


जांच के बाद भी नहीं बदले हालात

आग लगने की घटना के बाद पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया था। इसके बाद जीएमसी को पत्र लिखकर बिजली केबल सुधार कार्य के लिए अनुमोदन पत्र उपलब्ध कराने को कहा गया था, ताकि आवश्यक मरम्मत की जा सके। पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

केबल दीवारों से लटक रही

जांच में यह भी सामने आया कि जीएमसी के सर्विस स्टेशन से लेकर गर्ल्स हॉस्टल तक लंबी बिजली केबल खुले में बिछी हुई है। कई स्थानों पर केबल दीवारों से लटक रही हैं, तो कुछ जगह पानी की टंकियों के पास से गुजर रही हैं। हादसे के बाद कॉलेज और गर्ल्स हॉस्टल की बिजली सप्लाई करीब 24 घंटे तक ठप रही, जिससे छात्रों और स्टाफ को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

विशेषज्ञों ने जताई गंभीर चिंता

तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की खुली वायरिंग नियमों का खुला उल्लंघन है। पानी और बिजली का संपर्क किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकता है। खासकर ऐसे स्थान पर, जहां बच्चों, युवाओं और पर्यटकों की लगातार आवाजाही रहती है, यह लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है।

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जाने क्या बोले जिम्मेदार अधिकारी

जीएमसी की डीन डॉ. कविता सिंह ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में आया है। हाल ही में शॉर्ट सर्किट से छोटी सी आग लगी थी और 24 घंटा लाइट प्रभावित हुई थी। मैंने संबंधित विभागों को पत्र लिखा है जल्द ही उसमें सुधार कार्य किया जाएगा। वहीं इस मामले में पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हमने जीएमसी को पत्र लिखकर जानकारी दे दी है। जैसे ही वहां से अनुमोदन होगा काम शुरू किया जाएगा।

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2018 में सुरक्षा के नाम पर हुआ था लोकार्पण

गौरतलब है कि भोपाल की वीआईपी रोड पर स्थित यह सेल्फी पॉइंट (सेल्फी पार्क) बड़ा तालाब के किनारे बना हुआ है। इसे मार्च 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोगों की सुरक्षा और बढ़ते सेल्फी क्रेज को ध्यान में रखते हुए लोकार्पित किया था। यहां से ऊपरी तालाब का मनोरम दृश्य दिखाई देता है और आसपास चना जोर गरम, मूंगफली, पॉपकॉर्न और आइसक्रीम जैसे स्नैक्स के ठेले भी लगे रहते हैं। यही वजह है कि यह जगह पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है। लेकिन अब इसी सुरक्षित सेल्फी के उद्देश्य से बने स्थान पर खुली बिजली केबल लोगों की जान के लिए खतरा बन चुकी है। सवाल यह है कि क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदार विभाग जागेंगे?



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