राजधानी भोपाल में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत अब वार्ड स्तर पर सीधा हस्तक्षेप किया जाएगा। जिन मतदाताओं की मैपिंग पूरी नहीं हो सकी है और जो नई मतदाता सूची से बाहर होने की कगार पर हैं, उन्हें एक और मौका देने के लिए भोपाल के सभी 85 वार्डों में विशेष मतदाता मैपिंग कैंप लगाए जाएंगे। निर्वाचन आयोग की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार भोपाल जिले की सात विधानसभा सीटों में कुल 21 लाख 25 हजार से अधिक मतदाता दर्ज हैं। इनमें से करीब 79.36 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है, जबकि 20 प्रतिशत से अधिक फॉर्म अब भी पेंडिंग या अनकनेक्टेबल श्रेणी में हैं। यह स्थिति आगामी चुनावों से पहले प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है।

वार्ड-वार कैंप में होगी सीधी सुनवाई

जिला उप निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता के मुताबिक, जिन मतदाताओं की जानकारी बीएलओ सत्यापन में नहीं मिल पाई या जो अपने पते पर उपलब्ध नहीं थे, वे मैपिंग से बाहर रह गए। अब इन मतदाताओं को वार्ड कैंपों के जरिए सीधे अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर मिलेगा। उन्होने बताया कि हर वार्ड में लगाए जाने वाले कैंपों में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) और निर्वाचन अधिकारी मौजूद रहेंगे। मतदाता मौके पर ही अपने दस्तावेज प्रस्तुत कर मैपिंग पूरी करा सकेंगे। एक वार्ड में प्रतिदिन लगभग 50 मतदाताओं की सुनवाई किए जाने की योजना है।

20% से ज्यादा मतदाता अब भी मैपिंग से बाहर

रिपोर्ट के मुताबिक करीब 4.64 लाख मतदाताओं में विसंगतियां दर्ज की गई हैं। इनमें से 4.38 लाख से अधिक मतदाता ऐसे हैं, जिनसे बीएलओ संपर्क नहीं कर पाए या जिनकी जानकारी फिजिकल सत्यापन में उपलब्ध नहीं हो सकी। यही कारण है कि बड़ी संख्या में नाम नई सूची से बाहर होने की आशंका बनी हुई है।

विधानसभा क्षेत्रों में पेंडिंग फॉर्म की स्थिति

रिपोर्ट के अनुसार बैरसिया विधानसभा क्षेत्र में 5.08 प्रतिशत फॉर्म पेंडिंग हैं। भोपाल उत्तर में यह आंकड़ा 20.36 प्रतिशत, नरेला में 22.88 प्रतिशत, भोपाल दक्षिण-पश्चिम में 27.08 प्रतिशत और भोपाल मध्य में 27.53 प्रतिशत तक पहुंच गया है। गोविंदपुरा में 24.14 प्रतिशत और हुजूर विधानसभा क्षेत्र में 17.01 प्रतिशत फॉर्म अब भी निपटाए नहीं जा सके हैं।

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अनकलेक्टेबल फॉर्म सबसे बड़ी चुनौती

हजारों फॉर्म ऐसे पाए गए हैं जिन्हें बीएलओ द्वारा अनकलेक्टेबल घोषित किया गया। इसके पीछे मतदाता की मृत्यु, स्थायी रूप से स्थानांतरण, घर पर अनुपस्थिति या पहले से किसी अन्य स्थान पर नाम दर्ज होना प्रमुख कारण बताए गए हैं। इन्हीं कारणों से 4.38 लाख से ज्यादा फॉर्म अनकलेक्टेबल की श्रेणी में आए हैं।

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23 जनवरी के बाद दावा-आपत्ति का मौका

निर्वाचन विभाग के अनुसार 23 जनवरी को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। जिन मतदाताओं का नाम इसमें शामिल नहीं होगा, वे इसके बाद दावा-आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। नए मतदाता भी फार्म-6 के जरिए नाम जोड़ सकेंगे या विवरण में सुधार करा पाएंगे।

 



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