मध्य प्रदेश में माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-2) और प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3) भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर राजधानी भोपाल में प्रदेशभर से आए अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन में बड़ी संख्या में महिलाएं अपने छोटे बच्चों के साथ पहुंचीं और अपनी मांगें उठाईं, वहीं दिव्यांग अभ्यर्थियों ने भी भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री को खून से पत्र लिखकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। इस दौरान कई अभ्यर्थियों ने थाली बचा कर भी विरोध किया। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए उन्होंने यह तरीका अपनाया है।
पदों की कमी और आंकड़ों पर सवाल
अभ्यर्थियों ने कहा कि प्रदेश में शिक्षकों के स्वीकृत कुल पदों में से बड़ी संख्या में पद खाली हैं। उनके अनुसार विधानसभा में प्रस्तुत जानकारी के मुताबिक स्कूल शिक्षा विभाग में लगभग 1.15 लाख से अधिक पद रिक्त हैं। इसके बावजूद भर्ती में पदों की संख्या अपेक्षाकृत कम रखी गई है, जिससे योग्य उम्मीदवारों को अवसर नहीं मिल पा रहा है।
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पहले भी हो चुके हैं प्रदर्शन
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे इस मुद्दे को लेकर कई बार भोपाल में प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी कारण वे एक बार फिर बड़ी संख्या में राजधानी पहुंचे हैं। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।
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अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
1- वर्ग-2 में पर्याप्त पद वृद्धि
2- वर्ग-3 भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाई जाए
3- विशेष शिक्षक पदों को अलग भर्ती के रूप में जारी किया जाए
4- द्वितीय काउंसलिंग प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए
