जीतू पटवारी ने राज्यसभा को लेकर बड़ा बयान देते हुए खुद को दावेदारी से अलग बताया है। भोपाल में कथावाचक मोहित नागर को कांग्रेस की सदस्यता दिलाने के दौरान उन्होंने कहा कि पार्टी में कोई भी नेता उम्मीदवार बन सकता है, अंतिम फैसला संगठन ही करेगा। भोपाल में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मालवा क्षेत्र के कथावाचक मोहित नागर को औपचारिक रूप से कांग्रेस में शामिल कराया। इस मौके पर मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने राज्यसभा चुनाव और संगठन से जुड़े मुद्दों पर भी खुलकर बात रखी।
खुद को रेस से बाहर बताया, जिम्मेदारी का हवाला
पटवारी ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष का पद बेहद जिम्मेदारी भरा होता है, जिसमें 24 घंटे भी कम पड़ते हैं। ऐसे में वे खुद राज्यसभा की दौड़ में नहीं हैं और उनके अलावा कोई भी साथी इस पद के लिए जा सकता है।जब उनसे दिग्विजय सिंह को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वे भी संभावित उम्मीदवार हो सकते हैं, लेकिन अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व ही करेगा।
राज्यसभा सीट को लेकर अंदरखाने मंथन तेज
मध्यप्रदेश में जून में खाली होने वाली राज्यसभा सीट को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्टी स्तर पर लगातार मंथन चल रहा है और संभावित नामों पर विचार किया जा रहा है। अन्य राज्यों में हुई क्रॉस वोटिंग के बाद सतर्कता भी बढ़ गई है।
लाड़ली बहना योजना पर सरकार को घेरा
पटवारी ने लाड़ली बहना योजना को लेकर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिलाओं से 3000 रुपए देने का वादा किया गया था, लेकिन आधी राशि देकर बाकी को बाहर रखा गया, जो एक तरह का छल है।
महंगाई और बेरोजगारी पर भी साधा निशाना
उन्होंने कहा कि प्रदेश में महंगाई लगातार बढ़ रही है और बेरोजगारी की स्थिति चिंताजनक है। युवाओं को रोजगार के नाम पर सिर्फ वादे किए गए, जबकि जमीन पर हालात खराब हैं। पटवारी ने कहा कि स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता गिर रही है और शिक्षकों की भारी कमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों को परीक्षा के नाम पर डराया जा रहा है, जबकि उन्हें ट्रेनिंग और संसाधन देने की जरूरत है।
