राजधानी के पुराने शहर इतवारा चौराहे पर मंगलवार को ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के बैनर तले मुस्लिम समाज ने प्रदर्शन कर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई। बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और प्रदर्शन के दौरान गौ माता के सम्मान में मुस्लिम समाज मैदान में जैसे नारे लगे, जिससे पूरे इलाके में माहौल गरमाया।
धर्म की व्याख्या के साथ गाय संरक्षण की अपील
प्रदर्शन के दौरान कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि इस्लाम धर्म में गाय का मांस खाना और उसका वध करना हराम माना गया है। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यताओं में गाय का दूध और घी समाज के लिए बेहद उपयोगी है, जिसका नियमित उपयोग किया जाता है। हम गौ रक्षा के पक्षधर हैं। हमारे नबी का फरमान है कि न हम गाय को काट सकते हैं और न ही उसका मांस खा सकते हैं।
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तनावपूर्ण हालात पर चिंता जताई
मुस्लिम समाज ने देश में गाय और बछड़ों को लेकर बन रहे तनावपूर्ण हालात पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को गलत दिशा में ले जाया जा रहा है और इसे जल्द हल करने की जरूरत है। उनका कहना था कि जब समाज गाय को माता का दर्जा देता है, तो उसे राष्ट्रीय पशु घोषित करने में सरकार को किसी प्रकार की आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
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प्रधानमंत्री और राज्य सरकार से सीधी अपी
शमशुल हसन ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि जल्द से जल्द गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। उनका कहना था कि ऐसा होने से गायों के वध और उससे जुड़ी अफवाहों पर रोक लगेगी, साथ ही वास्तविक दोषियों की पहचान भी आसान होगी। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ धार्मिक या सांस्कृतिक मांग नहीं है, बल्कि समाज और देश की सुरक्षा एवं शांति के लिए भी जरूरी है।
