मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 16 फरवरी को भोपाल में कांग्रेस विधायक दल की अहम बैठक बुलाई है, जिसमें बजट सत्र के दौरान भाजपा सरकार को घेरने की रणनीति और रूपरेखा तय की जाएगी।भोपाल स्थित 74 बंगला के बी-12 (ए) में शाम 7:30 बजे होने वाली इस बैठक में कांग्रेस विधायक प्रदेश से जुड़े जनहित के बड़े मुद्दों पर मंथन करेंगे। उमंग सिंघार ने साफ किया है कि कांग्रेस बजट सत्र में भाजपा सरकार की नाकामियों को पूरी मजबूती से विधानसभा में उठाएगी और हर सवाल पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
इन मुद्दों में घेरने की बनेगी रणनीति
नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि बैठक में बेतहाशा कर्ज, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतें, किसानों का समर्थन मूल्य, ओलावृष्टि से फसल नुकसान, युवाओं का रोजगार, आदिवासी-दलितों पर बढ़ते अत्याचार और प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई जाएगी। कांग्रेस इन मुद्दों को विधानसभा में हथियार बनाकर सरकार को कटघरे में खड़ा करेगी।
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बजट होगा सबसे खास आकर्षण
इस सत्र का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट होगा। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार इस बार महिलाओं और युवाओं को साधने के लिए बजट में बड़ी घोषणाएं कर सकती है। खास तौर पर लाडली बहना योजना के लिए करीब 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किए जाने की संभावना जताई जा रही है, जो पिछले साल के 18,669 करोड़ रुपये से कहीं ज्यादा होगा। इसके अलावा लखपति दीदी योजना, महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं के स्वरोजगार से जुड़ी नई योजनाएं और घोषणाएं भी बजट का हिस्सा हो सकती हैं। ऐसे में बजट को लेकर सत्ता और विपक्ष, दोनों की नजरें टिकी हुई हैं।
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हंगामेदार रहने के आसार
16 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण के साथ सत्र की शुरुआत होगी। इसके बाद सरकार अनुपूरक बजट, मुख्य बजट और कई अहम विधेयक सदन में पेश करेगी। वहीं विपक्ष भी कानून-व्यवस्था, एंबुलेंस सेवाओं की बदहाली, बेरोजगारी और जनहित के अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर चुका है। करीब 19 दिनों तक चलने वाला यह बजट सत्र काफी गहमागहमी भरा रहने की उम्मीद है। सत्ता पक्ष की घोषणाओं और विपक्ष के तीखे सवालों के बीच विधानसभा में तेज सियासी टकराव देखने को मिल सकता है।
