मध्यप्रदेश कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई में बड़े संगठनात्मक बदलाव के संकेत साफ नजर आने लगे हैं। हाल के घटनाक्रमों और नियुक्तियों पर रोक के बाद स्पष्ट हो गया है कि राष्ट्रीय नेतृत्व मध्यप्रदेश इकाई में नई टीम बनाने की दिशा में सक्रिय हो गया है।सूत्रों के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल मई 2025 में समाप्त हो चुका है, जिसके बाद संगठन में नेतृत्व और जिम्मेदारियों के पुनर्गठन की आवश्यकता महसूस की गई। इसके बावजूद पिछले कुछ महीनों में संगठनात्मक नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी रही, जिसे अब राष्ट्रीय नेतृत्व ने अस्थायी रूप से रोक दिया है।

पदों और जिम्मेदारियों में बदलाव पर राष्ट्रीय नेतृत्व ने जताया संज्ञान

दिसंबर 2025 में प्रदेश इकाई में दो दर्जन से अधिक जिला अध्यक्षों को बदलने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, राष्ट्रीय नेतृत्व ने संगठनात्मक प्रक्रिया और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी नियुक्तियों को रोक दिया। सूत्रों के मुताबिक, यह कदम संगठन में अनुशासन बनाए रखने और प्रक्रिया के अनुसार पदों का आवंटन करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

प्रदेश प्रवक्ता की नियुक्ति पर रोक

हाल ही में प्रदेश मीडिया विभाग से जुड़ी एक नियुक्ति भी होल्ड की गई है। 19 जनवरी को एक नए प्रदेश प्रवक्ता को नियुक्त किया गया था, लेकिन 21 जनवरी को राष्ट्रीय नेतृत्व ने इसे रोक दिया। एनएसयूआई राष्ट्रीय सचिव एवं मध्यप्रदेश प्रभारी शाहिल शर्मा ने स्पष्ट किया कि संगठन में अनुशासन और पारदर्शिता सर्वोपरि है और मेरी जानकारी और अनुमति के बिना जारी कोई भी नियुक्ति पत्र मान्य नहीं होगा। संगठन में अनुशासन, पारदर्शिता और निर्धारित प्रक्रिया सर्वोपरि है। इसी कारण सभी नई नियुक्तियों को राष्ट्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही मान्यता दी जाएगी।

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संगठन में बदलाव की तैयारी

इन घटनाक्रमों के बाद यह संकेत स्पष्ट हो गया है कि राष्ट्रीय नेतृत्व मध्यप्रदेश NSUI की पूरी टीम में बदलाव की तैयारी कर चुका है। संगठन अब सक्रिय और जमीनी छात्रों को नेतृत्व में लाने की दिशा में काम कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही मध्यप्रदेश NSUI में या तो नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा या संगठनात्मक चुनाव की घोषणा की जाएगी। इस बदलाव से छात्र राजनीति में नई ऊर्जा और विश्वसनीयता लौटाने की कोशिश की जाएगी।

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छात्र संगठन की भविष्य की दिशा

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव संगठन के लिए नया मोड़ साबित हो सकता है। छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाने, विवादों से दूर रहने और संगठन की कार्यप्रणाली को मजबूत करने के लिए यह कदम अहम है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नई नियुक्तियों और चुनाव के बाद मध्यप्रदेश NSUI में नेतृत्व किस दिशा में जाएगा और संगठन किस तरह सक्रिय छात्रों के नेतृत्व में छात्र राजनीति को नई दिशा देगा।



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