राजधानी भोपाल में वरिष्ठ कांग्रेस नेता महेन्द्र सिंह चौहान के खिलाफ उनकी पत्नी शिखा सिंह द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत ने सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। बैंक में प्रबंधक पद पर कार्यरत शिखा ने पति पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट, जान से मारने की धमकी और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


दो करोड़ रुपये और कार की मांग का आरोप

शिखा सिंह का आरोप है कि उनके पति ने मायके से दो करोड़ रुपये और एक कार लाने का दबाव बनाया। मांग पूरी नहीं होने पर उनके साथ मारपीट की गई और 9 फरवरी को कथित रूप से घर से बाहर निकाल दिया गया। शिकायत में कहा गया है कि घर के गेट पर ताला लगा दिया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने यह भी कहा है कि उनके पति के पास लाइसेंसी हथियार हैं और उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर डर है। फिलहाल वह अलग रह रही हैं और उनका बेटा छात्रावास में रहता है।


जहर देने और मानसिक प्रताड़ना का आरोप

शिकायत में एक गंभीर आरोप यह भी है कि एक बार उन्हें पेय पदार्थ में कथित रूप से जहरीला तत्व मिलाकर दिया गया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। हालांकि इस संबंध में चिकित्सकीय और अन्य साक्ष्यों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।शिखा का कहना है कि शादी के शुरुआती कुछ वर्ष सामान्य रहे, लेकिन बाद में उन पर मायके की संपत्ति में हिस्सा मांगने का दबाव डाला जाने लगा। विरोध करने पर मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की गई।

दूसरी शादी, 19 साल पुराना संबंध

दोनों की यह दूसरी शादी है और विवाह को करीब 19 वर्ष हो चुके हैं। शिखा ने आरोप लगाया है कि उनकी पहली शादी एक आईएएस अधिकारी से हुई थी, जिसे कथित रूप से मौजूदा पति के दबाव में समाप्त करना पड़ा। इस दावे की भी जांच की जा रही है।

फर्जी दस्तखत का आरोप

शिकायत में यह भी कहा गया है कि उन्हें कुछ सामाजिक संस्थाओं के पद से हटाने के लिए कथित रूप से उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए। इस संबंध में भी अलग से शिकायत की बात सामने आई है।

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साजिश और ब्लैकमेलिंग का दावा

वहीं महेंद्र सिंह चौहान ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि वैवाहिक संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण थे और उन्होंने पहले ही तलाक का नोटिस भेज दिया था। उनके अनुसार, यह मामला उसी के बाद दर्ज कराया गया। उन्होंने इसे छवि खराब करने और दबाव बनाने की कोशिश बताया है।

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पुलिस का बयान

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिला की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अभी तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। यह मामला अब जांच के दायरे में है। पुलिस की जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो



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