राजधानी में प्रॉपर्टी खरीदने का सपना अब और महंगा होने जा रहा है। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को जिला मूल्यांकन समिति ने शहर की 740 लोकेशन पर गाइडलाइन दर बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। खास बात यह है कि विरोध और आपत्तियों के बावजूद इस फैसले पर मुहर लगा दी गई। बैठक में कुल 63 आपत्तियों और सुझावों पर चर्चा हुई, लेकिन इनमें से 34 को खारिज कर दिया गया। केवल कुछ सुझावों को आंशिक या पूर्ण रूप से माना गया, जबकि कई अहम आपत्तियों को सीधे नकार दिया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि प्रस्तावित गाइडलाइन को अंतिम रूप देकर केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजा जाए। इसके बाद ही नई दरें लागू होने का रास्ता साफ होगा।
हर साल बढ़ रहे रेट, इस बार और तेज उछाल
लगातार दूसरे साल गाइडलाइन बढ़ाई जा रही है। पिछले साल जहां करीब 11% औसत बढ़ोतरी हुई थी, वहीं इस बार कई इलाकों में रिकॉर्ड 181% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। इससे साफ है कि रियल एस्टेट बाजार में कीमतें तेजी से ऊपर जा रही हैं।
कॉलोनियों और क्षेत्रों में संशोधन
बैठक में अलार्क रेसिडेंसी, नूर-उस-सबाह, मेफेयर कॉलोनी, गोल्डन सिटी जाटखेड़ी और भौंरी सहित कई प्रमुख इलाकों की दरों पर चर्चा हुई। दस्तावेजों के आधार पर कुछ जगह आंशिक बदलाव किए गए, जबकि कई प्रस्तावों को निरस्त कर दिया गया। नगर एवं ग्राम निवेश द्वारा स्वीकृत नई बड़ी कॉलोनियों को गाइडलाइन में जोड़ा जाएगा। वहीं जिन ग्रामीण क्षेत्रों की दरें पहले तय नहीं थीं, उन्हें भी अलग से चिन्हित कर शामिल किया गया है।
प्राधिकरण की योजनाओं को बढ़ावा
भोपाल विकास प्राधिकरण की रक्षा विहार और ऐरो सिटी परियोजनाओं की दरों में आंशिक संशोधन को मंजूरी दी गई, ताकि संपत्तियों के क्रय-विक्रय को बढ़ावा मिले और किफायती आवास को प्रोत्साहन मिल सके।
यह भी पढ़ें-स्लॉटर हाउस से गोमांस तक गरमाया मुद्दा, आदमपुर लैंडफिल टेंडर कमिश्नर लेंगे निर्णय
इन इलाकों में सबसे ज्यादा असर
निर्मल सिटी, निशातपुरा रोड, मुर्गी बाजार और समर ग्रीन जैसे क्षेत्रों में सबसे ज्यादा 181% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। इसके अलावा न्यू मार्केट, रोशनपुरा, कोलार रोड, बावड़ियाकलां, मिसरोद, एयरपोर्ट रोड और अयोध्या बायपास जैसे प्रमुख इलाकों में भी प्रॉपर्टी महंगी होगी। पूरे जिले में कुल 2177 लोकेशन तय की गई हैं। इनमें से करीब 66% क्षेत्रों में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन लगभग 740 लोकेशन पर सीधे बढ़ोतरी लागू होगी। पंजीयन विभाग ने अंतिम समय में 100 नई लोकेशन जोड़कर दायरा और बढ़ा दिया। जहां एक ओर ज्यादातर इलाकों में रेट बढ़ रहे हैं, वहीं भौंरी क्षेत्र में 58% तक कमी का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि, यहां बड़े प्रोजेक्ट्स के बावजूद दरें घटाने के फैसले पर किसानों ने सवाल उठाए हैं।
यह भी पढ़ें-ग्रीन-स्मार्ट सिटी विजन, 3938 करोड़ का प्लान, पानी-सीवेज-आवास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
क्यों बढ़ रहे हैं रेट?
नई कॉलोनियों की मंजूरी, हाईवे-बायपास और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के चलते गाइडलाइन बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा औद्योगिक और विशेष आर्थिक क्षेत्रों के विकास का भी असर देखा जा रहा है। अब प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के लिए संपदा 2.0 सिस्टम लागू है, जिसमें जियो-टैगिंग और साइट निरीक्षण अनिवार्य किया गया है, ताकि फर्जीवाड़ा रोका जा सके।
