राजधानी भोपाल में प्रॉपर्टी के बढ़ते दामों की आहट के बीच रजिस्ट्री कार्यालयों में इन दिनों भारी भीड़ देखने को मिल रही है। कलेक्टर गाइडलाइन में संभावित बढ़ोतरी से पहले लोग तेजी से जमीन और मकानों के सौदे फाइनल कर रहे हैं। वहीं, नवरात्र के शुभ मुहूर्त ने इस खरीदारी को और गति दे दी है।
दाम बढ़ने से पहले सौदे फाइनल करने की होड़
जानकारी के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित नई गाइडलाइन में जिले की कई लोकेशन पर प्रॉपर्टी रेट बढ़ने वाले हैं। औसतन 10 से 12 प्रतिशत तक वृद्धि की संभावना जताई जा रही है, जबकि कुछ इलाकों में यह बढ़ोतरी 30% से लेकर 150% तक हो सकती है। ऐसे में लोग मौजूदा दरों पर ही रजिस्ट्री कराने के लिए बड़ी संख्या में पंजीयन कार्यालय पहुंच रहे हैं।
नवरात्र का शुभ मुहूर्त बना बड़ा फैक्टर
चैत्र नवरात्र के चलते भी प्रॉपर्टी बाजार में खासा उत्साह देखा जा रहा है। मान्यता के अनुसार इस दौरान संपत्ति खरीदना शुभ माना जाता है, जिसका असर रजिस्ट्री कार्यालयों में साफ नजर आ रहा है। सुबह से लेकर देर शाम तक लोगों की कतारें लगी हुई हैं।
छुट्टियों में भी खुले रहे दफ्तर
भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने अवकाश के दिनों में भी रजिस्ट्री कार्यालय खोलने का फैसला किया। शनिवार और रविवार को भी बड़ी संख्या में रजिस्ट्रियां की गईं। कर्मचारियों को अतिरिक्त समय तक काम करना पड़ा, वहीं सर्वर पर भी दबाव बढ़ा।
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हर तरह की प्रॉपर्टी की डिमांड
इस दौरान फ्लैट, प्लॉट, डुप्लेक्स, फार्म हाउस और कृषि भूमि हर श्रेणी की प्रॉपर्टी की खरीदारी हो रही है। खासकर शहर के विस्तार वाले इलाकों में निवेशकों की रुचि ज्यादा देखी जा रही है। रजिस्ट्री कार्यालय के अधिकारियों को कहना है कि रेट बढ़ाने वाले हैं इसलिए ज्यादा संख्या में लोग पहुंच रहे हैं हालांकि उनका कहना कि नवरात्र में लोग प्रॉपर्टी खरीदी ज्यादा करते हैं।
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राजस्व में भी जबरदस्त उछाल
रजिस्ट्री की बढ़ती संख्या के चलते सरकार के राजस्व में भी बड़ा इजाफा हुआ है। नवरात्र के शुरुआती 8 दिनों में ही हजारों रजिस्ट्रियां दर्ज की गईं, जिस से करोड़ों रुपए की आमदनी हुई है। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार महज 8 दिनों में रजिस्ट्री कार्यालयों में कुल 4979 प्रॉपर्टी रजिस्ट्रियां दर्ज की गईं। इससे सरकार को करीब 119.2 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। अगर औसतन देखा जाए तो प्रतिदिन लगभग 14.9 करोड़ रुपए की कमाई हुई, जो प्रॉपर्टी बाजार में बढ़ती गतिविधियों और निवेश के उत्साह को साफ दर्शाती है।
