राजधानी के नागरिकों को नगर निगम के आगामी बजट में राहत मिल सकती है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तैयार हो रहे बजट में फिलहाल प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। वहीं बजट का आकार पिछले साल से बड़ा होने के संकेत हैं और यह 4000 करोड़ रुपए से अधिक पहुंच सकता है। पिछला बजट 3600 करोड़ था। नगर निगम का बजट 23 से 26 मार्च के बीच पेश किया जा सकता है हालांकि अभी तारीख की घोषणा नहीं हुई है। बजट की तैयारियां निगम आयुक्त संस्कृति जैन की निगरानी में चल रही हैं और 16 मार्च तक ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। अधिकारियों के मुताबिक इस बार बजट का मुख्य फोकस शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर रहेगा।
मेयर मालती राय पेश करेंगी चौथा बजट
यह बजट मेयर मालती राय के कार्यकाल का चौथा बजट होगा। पिछले दो सप्ताह से निगम मुख्यालय में अधिकारियों की लगातार बैठकों का दौर चल रहा है, जिसमें शहर की जरूरतों और विकास परियोजनाओं को लेकर प्रस्तावों पर चर्चा की जा रही है।
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सड़कों, पानी और पार्कों पर रहेगा खास जोर
निगम अधिकारियों के अनुसार बजट में सड़क निर्माण, स्ट्रीट लाइट, पेयजल व्यवस्था, पार्कों के विकास और तालाबों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानों का निर्माण, शहर के प्रवेश द्वारों पर हेरिटेज गेट, गीता भवन क्षेत्र का विकास, नए कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स, विसर्जन घाटों का सुधार और जलभराव वाले क्षेत्रों में ड्रेनेज व्यवस्था जैसी परियोजनाओं के लिए भी प्रावधान प्रस्तावित किए जा रहे हैं।
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मेयर फंड समेत 12 बजट मद खत्म करने की तैयारी
बजट समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि कुछ बजट मदों में हर साल राशि तो रखी जाती है, लेकिन उसका उपयोग नहीं हो पाता। ऐसे में आयुक्त संस्कृति जैन ने मेयर फंड सहित करीब 12 बजट हेड हटाने के निर्देश दिए हैं, ताकि बजट का बेहतर उपयोग हो सके और विकास कार्यों के लिए ज्यादा संसाधन उपलब्ध हो सकें। सूत्रों के मुताबिक कई विकास परियोजनाओं को AMRUT 2.0 योजना से मिलने वाली राशि का भी सहारा मिलेगा, जिससे शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों को गति मिल सकेगी।
