हिनोतिया आलम स्थित हाउसिंग फॉर ऑल (HFA) फ्लैट्स में पानी संकट ने गुरुवार को उग्र रूप ले लिया। चार दिन से सप्लाई ठप होने से नाराज करीब 50 रहवासियों ने नगर निगम मुख्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब चार घंटे चले इस विरोध के दौरान एक महिला गर्मी के चलते बेहोश हो गई, जिससे हालात की गंभीरता साफ नजर आई। रहवासियों का आरोप है कि पूरे परिसर में चार दिनों से पानी नहीं पहुंचा है। हालात ऐसे हैं कि महिलाओं और बच्चों को सुबह से ही प्रदर्शन के लिए सड़क पर उतरना पड़ा। लोगों का कहना है कि जो पानी पहले मिलता था, वह भी दूषित था।
मेंटेनेंस विवाद ने बढ़ाई मुसीबत
रहवासियों के मुताबिक वे नियमित मेंटेनेंस दे रहे थे, लेकिन साफ-सफाई और सुरक्षा जैसी सुविधाएं नहीं मिलने पर उन्होंने भुगतान बंद कर दिया। इसके बाद ठेकेदार ने कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया, जिससे व्यवस्था चरमरा गई।
कर्मचारी पर सप्लाई रोकने का आरोप
मेंटेनेंस का काम देखने वाले ठेकेदार के कर्मचारी रणवीर अहिरवार पर आरोप है कि तीन महीने से वेतन नहीं मिलने के चलते उसने पानी सप्लाई ही बंद कर दी। बताया जा रहा है कि वह चार दिनों से सप्लाई ठप कर बैठा है और मीडिया से भी बात करने से इनकार कर रहा है।
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नगर निगम का पक्ष, बकाया 40 लाख
वहीं, एचएफए विभाग के अध्यक्ष आरके गोयल का कहना है कि सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कई रहवासियों ने एक से दो साल से मेंटेनेंस जमा नहीं किया है, जिसके कारण व्यवस्था प्रभावित हुई है। नगर निगम के अनुसार पानी सप्लाई को लेकर रहवासियों पर करीब 40 लाख रुपए बकाया हैं।
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हैंडओवर भी बना बड़ा मुद्दा
फिलहाल हिनोतिया आलम प्रोजेक्ट का नगर निगम को आधिकारिक हैंडओवर नहीं हुआ है। यहां मेंटेनेंस और मैनपावर का काम गजानंद सिक्योरिटी कंपनी देख रही है, जिसे भुगतान नहीं मिलने से हालात और बिगड़ गए हैं।
