होली के त्योहार से ठीक पहले राजधानी में मिलावट का बड़ा खेल उजागर होने लगा है। खासकर पुराने भोपाल में मावा, पनीर और दुग्ध उत्पादों में मिलावट की आशंका सबसे ज्यादा सामने आने पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। खाद्य विभाग की टीम ताबड़तोड़ छापेमार कार्रवाई करते हुए कई दुकानों, डेयरियों और मिठाई कारखानों से नमूने जब्त किए। मंगलवारा और ओल्ड सिटी क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान आनंद मावा भंडार, राजश्री मावा, महेंद्र मावा, महाकाल मावा भंडार, भोपाल डेरी, न्यू कृष्णा डेरी (नादरा बस स्टैंड) सहित कई प्रतिष्ठानों पर जांच की गई।
क्या-क्या मिला शक के घेरे में?
टीम ने मावा, पनीर, दही, घी, मिल्क केक, रिफाइंड सोयाबीन तेल, खुला सोया तेल, ड्राय फ्रूट्स, नमकीन, मैदा, बेसन समेत अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। संदेहास्पद सामग्री को जब्त कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार होली पर मावे और पनीर की खपत कई गुना बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाकर मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। इसलिए पुराने भोपाल को फोकस एरिया बनाकर सबसे ज्यादा चेकिंग की जा रही है।
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एक महीने में 246 नमूने
खाद्य प्रशासन की संयुक्त टीम ने पिछले एक माह में शहरभर से कुल 246 नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत सख्त कार्रवाई होगी, जिसमें भारी जुर्माना और लाइसेंस निरस्तीकरण तक शामिल है।
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प्रशासन की चेतावनी
प्रशासन ने साफ कहा है कि त्योहार के नाम पर मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि खुली सामग्री खरीदते समय सतर्क रहें और संदिग्ध खाद्य पदार्थ की सूचना तुरंत दें। होली के रंगों के बीच मिलावट का काला कारोबार रोकने के लिए राजधानी में यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
