भोपाल में चर्चित गोमांस प्रकरण के आरोपी असलम चमड़ा को जमानत मिलते ही माहौल गरमा गया। गुरुवार को बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध जताया, पुलिस और नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सांकेतिक अर्थी निकालकर पुतले फूंके। पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस और नगर निगम की प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर आक्रोश जाहिर किया। हालात को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर स्थिति पर नजर रखी गई।
जमानत पर उठे सवाल
बजरंग दल के विभाग संयोजक अभिजीत सिंह राजपूत ने जमानत को लेकर कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि मामले की जांच अभी अधूरी है और कई अहम पहलुओं का खुलासा होना बाकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि बड़ी मात्रा में बरामद मांस कहां से आया, इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं और कंटेनर किसका था इन सभी बिंदुओं पर अभी स्पष्टता नहीं है।
पूरी जांच से पहले राहत क्यों?
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बिना पूरी जांच के आरोपी को जमानत देना जल्दबाजी का फैसला है। उन्होंने मांग की कि मामले की गहन जांच पूरी होने तक जमानत रद्द की जाए और मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
बजरंग दल ने साफ कहा है कि अगर मामले में सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध प्रदर्शन और तेज किया जाएगा। इस दौरान पुलिस कमिश्नर कार्यालय के आसपास कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, हालांकि पुलिस की मौजूदगी से हालात नियंत्रण में रहे।
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क्या है पूरा मामला
दिसंबर 2025 में जहांगीराबाद इलाके के पास एक कंटेनर पकड़ा गया था, जिसमें बड़ी मात्रा में मांस मुंबई भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी। जांच के लिए भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट में गोमांस की पुष्टि होने के बाद मामला दर्ज किया गया और संबंधित लोगों को गिरफ्तार किया गया।
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कोर्ट से मिली राहत
हाल ही में सेशन कोर्ट से आरोपी असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा को जमानत मिली है। बचाव पक्ष ने कोर्ट में दलील दी कि जब्त माल उनका नहीं था और जांच में कई खामियां हैं, जिसके आधार पर कोर्ट ने उन्हें राहत दी।
