गेहूं खरीदी में देरी और किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने राजधानी भोपाल में बड़ा प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं और किसानों ने रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना ने किया। इस दौरान पूर्व मंत्री पीसी शर्मा सहित कई नेता, किसान सेवा दल के कार्यकर्ता और महिलाएं भी शामिल रहीं।
एक महीना लेट खरीदी, वह भी अधूरी
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि गेहूं खरीदी इस बार एक महीने देरी से शुरू हुई और अभी भी पूरी तरह नहीं हो पाई है। पिछले साल के मुकाबले खरीदी का लक्ष्य भी कम रखा गया है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने किसानों की समस्याओं को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
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कांग्रेस की मुख्य मांगें
– ओलावृष्टि और बारिश से खराब फसल की बिना सख्त मानकों के खरीदी की जाए
– तुलाई केंद्रों पर समयबद्ध खरीदी और धर्म कांटा से अनिवार्य तुलाई की व्यवस्था
– तुलाई के 7 दिन के भीतर किसानों के खाते में भुगतान
– खरीदी केंद्रों पर पानी और छांव जैसी मूलभूत सुविधाएं
– केसीसी और सहकारी ऋण वसूली की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए
– खाद की कमी, मनमाने बिजली बिल और झूठे प्रकरणों पर रोक
– पराली या आग से नुकसान पर किसानों पर दर्ज केस वापस लिए जाएं
– बड़े और मध्यम किसानों के लिए प्रस्तावित खरीदी सीमा (लगभग 25%) का फैसला वापस लिया जाए
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किसानों के सम्मान में कांग्रेस मैदान में
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने किसानों के सम्मान में कांग्रेस मैदान में का नारा देते हुए सरकार पर किसान विरोधी नीतियों का आरोप लगाया। ग्रेटर कार्यालय के बाहर पुलिस ने उन्हें बाहरी रोक लिया। यह प्रदर्शन केवल भोपाल जिले में नहीं बल्कि प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय में किया जा रहा है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी छतरपुर में किसने के पक्ष में कलेक्ट्रेट पहुंचे और विरोध दर्ज कराया।
