लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट रहा। बजट को लेकर आम जनता, व्यापारी वर्ग, उद्योग जगत और निवेशकों में खासा उत्साह देखा गया। लोगों को टैक्स प्रणाली को सरल बनाने और महंगाई से राहत की उम्मीद थी। बजट पेश होने के बाद राजधानी भोपाल में लोगों ने इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।
सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित भारत की नींव
वरिष्ठ अधिवक्ता धर्म प्रकाश ठाकुर ने बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित भारत की नींव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की दिशा में यह बजट मजबूत आधार तैयार करता है। टैक्स स्लैब को सरल बनाया गया है और महिलाओं, दलितों व वंचित वर्गों का भी ध्यान रखा गया है। सरकार सब्सिडी के बजाय निवेश और रोजगार सृजन पर फोकस कर रही है।
केवल बड़े उद्योगों को राहत देने वाला बजट
वहीं, कपड़ा व्यापारी सुनील साहू ने बजट को आम जनता के लिए निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल बड़े उद्योगों को राहत देने वाला बजट है, जबकि आम आदमी को कोई खास फायदा नहीं मिला। उन्होंने कपड़ों पर टैक्स को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार ने रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।
व्यापार को जरूर बढ़ावा मिलेगा
न्यू मार्केट के मोबाइल व्यापारी रमेश आहूजा ने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मोबाइल फोन सस्ते होंगे या नहीं। अगर मोबाइल सस्ते होते हैं, तो इससे व्यापार को जरूर बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में मोबाइल फोन काफी महंगे हो गए हैं।
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व्यापारियों के लिए संतुलित और लाभकारी बजट
भोपाल घोड़ा निकास व्यापारिक संघ के अध्यक्ष विनोद साहू ने बजट का स्वागत किया। उन्होंने इसे मध्यम और उच्च वर्ग के साथ-साथ व्यापारियों के लिए संतुलित और लाभकारी बजट बताया। उनका कहना है कि बजट का विश्लेषण करने के बाद इसमें किसी तरह की बड़ी कमी नजर नहीं आती।
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यह बजट सभी वर्गों का ध्यान रखने वाला
भाजपा नेता और पूर्व नगर निगम अध्यक्ष कैलाश मिश्रा ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पेश किया गया यह बजट सभी वर्गों का ध्यान रखने वाला है। इसमें छोटे शहरों, किसानों, गरीबों और आम लोगों की चिंताओं को प्राथमिकता दी गई है। केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर भोपाल में सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां कुछ वर्ग इसे विकास की दिशा में मजबूत कदम मान रहे हैं, वहीं कुछ लोगों को इससे अपेक्षित राहत नहीं मिली है।
कर्मचारी और मजदूर विरोधी बजट
मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच ने केंद्रीय बजट 2026 को कर्मचारी और मजदूर विरोधी बताया है। मंच ने मांग की है कि बजट में संशोधन कर आठवां वेतन आयोग लागू किया जाए, टैक्स में राहत दी जाए, और महंगाई कम करने के प्रावधान किए जाएं। मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने कहा कि बजट में कर्मचारियों और मजदूरों को कोई राहत नहीं दी गई है, और पेट्रोलियम पदार्थों की दरें कम करने का प्रावधान नहीं किया गया है।
