इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से नागरिकों की दुखद मौतों और प्रदेशभर में गिरती पेयजल गुणवत्ता के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी भोपाल शहर ने शनिवार को जवाहर भवन, रोशनपुरा चौराहा स्थित कार्यालय में एक दिवसीय उपवास रखकर मध्यप्रदेश सरकार और निगम प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने इस घटना को सरकारी लापरवाही और सिस्टम फेल्योर करार देते हुए दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
मंत्री के इस्तीफे तक आंदोलन की चेतावनी
भोपाल कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना ने कहा कि इंदौर में जहरीला पानी पीने से लोगों की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि सरकार की सीधी जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे, मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी दिए जाने तक कांग्रेस का आंदोलन सड़क से सदन तक जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भोपाल के कई इलाकों में भी दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है, जिसकी कांग्रेस लगातार वॉटर ऑडिट कर रही है।
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महिलाओं ने संभाला मोर्चा
कांग्रेस महिला जिला अध्यक्ष संतोष कसाना ने कहा कि यह विरोध जनता को मिल रहे जहरीले पानी और उससे हो रही मौतों के खिलाफ है। उन्होंने भाजपा नेताओं पर कार्रवाई, मंत्री और महापौर के इस्तीफे की मांग की और कहा कि सरकार जनता को साफ पानी तक मुहैया कराने में विफल रही है।
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सरकार की योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट
कांग्रेस महिला की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल ने कहा कि भागीरथपुरा में 24 मौतें सरकार की घोर लापरवाही का परिणाम हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी हैं और इसी का नतीजा है कि आम लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।जनता को साफ पानी दो या जवाबदेही तय करो कांग्रेस का यही अल्टीमेटम है।
