लहार क्षेत्र में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की कार्यप्रणाली लगातार विवादों में घिरती जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव से शिकायत किए जाने और सार्वजनिक स्थल से विरोध के बावजूद लहार डिवीजन की उप महाप्रबंधक लक्ष्मी सोनवानी की कथित तानाशाही पर अब तक कोई रोक नहीं लग पाई है। विभागीय दबाव का नतीजा यह है कि बिजली विभाग के कर्मचारी नियम-कानून और मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखकर देर रात कार्रवाई करने पर मजबूर हो रहे हैं।

ताजा मामला लहार नगर के वार्ड क्रमांक 15 का है। यहां रहने वाली महिला पूनम बघेल बीती रात अपने छोटे बच्चे के साथ घर में सो रही थीं। उनके पति अहमदाबाद में नौकरी करते हैं, जिसके चलते महिला घर पर अकेली रहती हैं। रात करीब ढाई बजे अचानक उनके घर का दरवाजा जोर जोर से खटखटाया गया। नींद से जागी महिला ने जब अंदर से पूछा कि कौन है, तो बाहर मौजूद 4 से 5 लोगों ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताते हुए दरवाजा खोलने को कहा। आधी रात को अनजान लोगों के दरवाजा खटखटाने से महिला घबरा गई और दरवाजा खोलने से मना कर दिया।

महिला का आरोप है कि दरवाजा नहीं खुलने पर बिजली विभाग के कर्मचारियों ने सीढ़ी लगाकर जबरन छत पर चढ़ने का प्रयास किया। यह दृश्य देखकर महिला और ज्यादा डर गई। अकेली महिला को बदमाश होने की आशंका हुई। भय और घबराहट की स्थिति में महिला ने अपने बचाव के लिए छत से ईंट और पत्थर फेंक दिए।

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छत से ईंट-पत्थर गिरते देख कर्मचारी मौके से जान बचाकर भाग निकले। इस दौरान घर के बाहर खड़ी बिजली विभाग की सरकारी गाड़ी पत्थर लगने से क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद कर्मचारियों ने तत्काल मामले को दबाने की कोशिश की। जनरल मैनेजर नवीन शुक्ला के कहने पर क्षतिग्रस्त वाहन को चुपचाप दफ्तर ले जाया गया, लेकिन जब वाहन कार्यालय पहुंचा तो अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच घटना की चर्चा शुरू हो गई और पूरा मामला उजागर हो गया।

घटना की जानकारी मिलते ही उप महाप्रबंधक लक्ष्मी सोनवानी भड़क गईं और महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। बिजली विभाग के कर्मचारी महिला के खिलाफ शिकायत लेकर थाने पहुंचे। मामला पुलिस थाने पहुंचते ही स्थिति पलट गई। पुलिस अधिकारियों ने बिजली विभाग के कर्मचारियों से सवाल किए कि रात ढाई बजे बकायदारों के बिजली कनेक्शन काटने की अनुमति किस नियम के तहत दी गई? क्या महिला उपभोक्ता को पहले कोई लिखित सूचना दी गई थी? इन सवालों का संतोषजनक जवाब बिजली विभाग के कर्मचारी नहीं दे सके।

महिला ने लगाए गंभीर आरोप

पुलिस ने महिला पूनम बघेल को भी थाने बुलाया। महिला ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया कि बिजली विभाग के कर्मचारी शराब के नशे जैसी हालत में थे। वे जबरन घर में घुसने और छत पर चढ़ने का प्रयास कर रहे थे। महिला ने बताया कि वह अकेली थी और बच्चे के साथ घर में थी, जिससे वह बेहद डर गई थी। इसी डर के कारण उसने आत्मरक्षा में ईंट-पत्थर फेंके। फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों के आवेदन ले लिए हैं और निष्पक्ष जांच के बाद आगे की कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बिजली विभाग द्वारा की गई कार्रवाई नियमों के अनुरूप थी या नहीं। इधर विभागीय सूत्रों का कहना है कि मार्च क्लोजिंग के चलते उप महाप्रबंधक लक्ष्मी सोनवानी द्वारा एई, जेई, लाइनमैन, कार्यालय स्टाफ और आउटसोर्स कर्मचारियों पर 24 घंटे में टारगेट पूरा करने का भारी दबाव बनाया जा रहा है। कर्मचारियों को रात 12 बजे से सुबह 8 बजे तक बकायादारों के बिजली कनेक्शन काटने के आदेश दिए गए हैं। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि दोषी कौन है और किस पर कार्रवाई होगी।

 



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