श्योपुर विजयपुर क्षेत्र के ग्राम दौर्द में आरोपी को पकड़ने पहुंची राजस्थान पुलिस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई अब गंभीर विवादों में घिरती नजर आ रही है। इस पूरे घटनाक्रम में विजयपुर थाना प्रभारी राजन सिंह गुर्जर की भूमिका पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। मामला तब और संवेदनशील हो गया जब घायल महिला ने अस्पताल में दिए अपने बयान में चौंकाने वाला आरोप लगाया कि दबिश के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी ने जानबूझकर उसे कुएं में धक्का दे दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
महिला के इस बयान के बाद यह मामला केवल हादसा नहीं, बल्कि कथित पुलिस उत्पीड़न का रूप लेता दिखाई दे रहा है। पीड़िता के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है। परिजनों के अनुसार लड़की और लड़का एक-दूसरे से प्रेम करते हैं और आपसी सहमति से शादी करना चाहते थे, लेकिन लड़की के घर वालों द्वारा झूठी शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस दबाव बनाकर लगातार दबिश दे रही है।
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परिजनों का आरोप है कि बिना निष्पक्ष जांच के ही पुलिस मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही है और निर्दोष लोगों को फंसाने की कोशिश की जा रही है। सबसे गंभीर सवाल यह है कि थाना प्रभारी राजन सिंह गुर्जर की निगरानी में हुई कार्रवाई के दौरान बल प्रयोग और महिला को कुएं में धक्का दिए जाने जैसी स्थिति आखिर क्यों बनी।घायल महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है। इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश और तनाव का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन पीड़िता के बयान और परिजनों के आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या थाना प्रभारी की भूमिका की स्वतंत्र जांच कराई जाती है या नहीं।जनता की नजरें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
