मध्यप्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट बदल ली। रविवार शाम महू में तेज बारिश हुई, जबकि भोपाल के कई इलाकों में हल्की दर्ज की गई। सीहोर और रतलाम में अच्छी बारिश ने लोगों को तपती गर्मी से थोड़ी राहत दी। हालांकि यह राहत पूरे प्रदेश में एक जैसी नहीं है। इधर गर्मी के प्रकोप को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव और छुट्टियां घोषित की गई हैं। भोपाल में 8वीं तक छुट्टी की घोषणा कर दी गई है।  

एक तरफ बारिश, दूसरी तरफ कई जिलों में लू 

मौसम का मिजाज इस समय पूरी तरह बंटा हुआ नजर आ रहा है। जहां कुछ इलाकों में बादल और बारिश सक्रिय हैं, वहीं 22 जिलों में लू का अलर्ट जारी है। ग्वालियर, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, रायसेन, नर्मदापुरम, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, धार और अलीराजपुर समेत कई जिलों में गर्म हवाएं लोगों को परेशान किया।

अगले 3 दिन,गरज-चमक के साथ बारिश के संकेत

मौसम विभाग के अनुसार 27 अप्रैल से अगले तीन दिन प्रदेश में आंधी-गरज के साथ बारिश का दौर चल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से कई संभागों में बादल सक्रिय रहेंगे और तापमान में हल्की गिरावट संभव है। 28-29 अप्रैल को ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और सागर संभाग में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। इससे गर्मी से अस्थायी राहत मिल सकती है, लेकिन लू का असर पूरी तरह खत्म नहीं होगा।

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बारिश से पहले पारा 44°C के पार

बारिश से ठीक पहले प्रदेश में गर्मी चरम पर थी। छतरपुर का खजुराहो सबसे ज्यादा तपता रहा, जहां तापमान 44.6 डिग्री दर्ज हुआ। रतलाम, दतिया, धार और नौगांव जैसे शहरों में भी पारा 44 डिग्री के आसपास रहा। बड़े शहरों में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में तापमान 42 से 43 डिग्री के बीच रहा।

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इस साल बार-बार बदल रहा मौसम

इस साल मौसम का पैटर्न असामान्य रहा है। फरवरी और मार्च में कई बार आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर चला, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। मार्च के अंत तक भी कई जिलों में मौसम ने बार-बार करवट बदली, जो अब अप्रैल के आखिर में भी जारी है।

 



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