मध्य प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के लिए पहली बार एक व्यापक और एकीकृत नीति लाने की तैयारी में है। वर्ष के अंत तक इस नीति का प्रारूप तैयार किए जाने की संभावना है। इसके तहत मानसिक रूप से दिव्यांग 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए विशेष आवासीय सुविधा विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, सरकार इस नई नीति को अंतिम रूप देने से पहले तेलंगाना और त्रिपुरा समेत अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं का अध्ययन करेगी, ताकि बेहतर मॉडल अपनाया जा सके। नई नीति का उद्देश्य अलग-अलग विभागों में बंटी योजनाओं को एक समन्वित ढांचे में लाना है, जिससे दिव्यांगजनों को सुविधाओं के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।


ये भी पढ़ें-  MP: सीएम यादव का बड़ा प्रशासनिक संदेश, युवा IAS अफसरों को आदिवासी और चुनौतीपूर्ण जिलों में दी पहली जिम्मेदारी

2011 की जनगणना के अनुसार 10 लाख दिव्यांगजन 

फिलहाल शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय विभाग अपनी-अपनी योजनाओं के तहत दिव्यांगजनों के लिए अलग-अलग कार्यक्रम संचालित कर रहे हैं। प्रस्तावित नीति इन सभी योजनाओं को जोड़कर एक समग्र व्यवस्था तैयार करेगी। अधिकारियों के अनुसार, राज्य में 2011 की जनगणना और यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (UDID) के आधार पर करीब 10 लाख दिव्यांगजन दर्ज हैं। माना जा रहा है कि आगामी जनगणना में दिव्यांगों की संख्या में बड़ा इजाफा सामने आ सकता है, क्योंकि पहले जहां सात श्रेणियों के आधार पर आंकड़े जुटाए गए थे, वहीं अब 21 प्रकार की दिव्यांगताओं को शामिल किया जाएगा।

ये भी पढ़ें- MP News: किसानों को CM की सौगात, लाइव आकर किए बड़े ऐलान, 9 मई तक बढ़ी स्लॉट बुकिंग, अब 6 दिन होगी गेहूं खरीद

100 बिस्तर वाले विशेष आश्रय गृह स्थापित किए जाएंगे 

नई नीति तैयार करने के दौरान सरकार दिव्यांगजनों, सामाजिक संगठनों और इस क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं से सुझाव लेगी। इसके लिए ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों का भी दौरा किया जाएगा, क्योंकि इन इलाकों में दिव्यांगजनों को सुविधाओं तक पहुंचने में ज्यादा चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। नीति में यह भी प्रस्ताव है कि 18 वर्ष से अधिक आयु के मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए संभाग स्तर पर 100 बिस्तरों वाले विशेष आश्रय गृह स्थापित किए जाएं। वर्तमान में राज्य में वयस्क मानसिक दिव्यांगजनों की देखभाल के लिए पर्याप्त संस्थागत व्यवस्था नहीं है।  

 



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *