इंदौर में साइबर अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामले में शहर के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को जालसाजों ने अपना निशाना बनाया है। टीसीएस कंपनी में कार्यरत इंजीनियर से ठगों ने क्रेडिट कार्ड सक्रिय करने और ट्रांजेक्शन रिवर्स करने के नाम पर करीब 4 लाख 73 हजार रुपए की बड़ी राशि हड़प ली है। इस मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बैंक कर्मचारी बनकर जालसाजों ने किया संपर्क

घटना की शुरुआत 7 अप्रैल को हुई जब पीड़ित आभास हिंगे के पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को एक्सेस बैंक का कर्मचारी बताया और पीड़ित को नया क्रेडिट कार्ड जारी करने का झांसा दिया। बातचीत के दौरान आरोपी ने पीड़ित से उनके मोबाइल पर आया ओटीपी मांगा। शुरुआत में आभास ने सुरक्षा कारणों से ओटीपी देने से साफ मना कर दिया, जिसके बाद फोन कट गया। हालांकि, कुछ ही देर बाद उनके मोबाइल पर खाते से 1 लाख रुपए कटने का संदेश प्राप्त हुआ जिससे वे हतप्रभ रह गए।

कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए ओटीपी लेकर की लूट

पहली राशि कटने के तुरंत बाद पीड़ित के पास दूसरे नंबर से कॉल आया। इस बार फोन करने वाले ने खुद को एचडीएफसी बैंक का कर्मचारी बताते हुए कटे हुए पैसों के बारे में पूछताछ की। जालसाज ने विश्वास में लेने के लिए पीड़ित को एक कॉन्फ्रेंस कॉल पर जोड़ा। इस दौरान खुद को बैंक अधिकारी बताने वाले दूसरे व्यक्ति ने दावा किया कि कटे हुए पैसे वापस यानी रिवर्स करने के लिए ओटीपी की आवश्यकता होगी। जैसे ही पीड़ित ने प्रक्रिया के नाम पर ओटीपी साझा किया, उनके खाते से दोबारा पैसे कट गए और कॉल काट दिया गया।

पुलिस ने दर्ज किया मामला और शुरू की जांच

ठगों ने अपनी प्रक्रिया पूरी करने के बहाने एक बार फिर कॉल किया और एक और ओटीपी प्राप्त कर लिया। इस तरह किश्तों में कुल 4 लाख 73 हजार रुपए की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। जब आभास को ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। अन्नपूर्णा पुलिस ने दो संदिग्ध मोबाइल नंबर धारकों के खिलाफ बुधवार को एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अब उन नंबरों की लोकेशन और बैंक खातों के विवरण के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की सलाह

इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने एक बार फिर आम नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है। अधिकारियों का कहना है कि कोई भी बैंक फोन पर ओटीपी या व्यक्तिगत बैंकिंग जानकारी की मांग नहीं करता है। पुलिस ने अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर विश्वास न करें और यदि खाते से संदिग्ध तरीके से पैसे कटते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर पर सूचित करें ताकि समय रहते तकनीकी कार्रवाई की जा सके।



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