प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मरीजों के साथ आने वाले परिजनों को अब ठहरने की बेहतर सुविधा मिल सकती है। सरकार शेल्टर होम बनाने की योजना पर काम कर रही है, जिसका प्रस्ताव आज होने वाली कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। इस योजना के तहत तीमारदारों के लिए रुकने की व्यवस्था के साथ जरूरी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में बड़ी संख्या में दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों से मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। कई मामलों में जिला अस्पतालों से रेफर किए गए गंभीर मरीज भी इन्हीं संस्थानों में भर्ती होते हैं, जिससे उनके साथ आए परिजनों को ठहरने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए शेल्टर होम की पहल की जा रही है। बताया जा रहा है कि वर्तमान में संचालित मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ निर्माणाधीन 9 नए कॉलेजों में भी यह सुविधा विकसित की जाएगी। इन नए संस्थानों के वर्ष 2028 तक शुरू होने की संभावना है।
