मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हैंडलूम और हस्तशिल्प से जुड़ी गतिविधियां महिलाओं की दक्षता और हुनर को रोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि मृगनयनी, विंध्या वैली, कबीरा और प्राकृत जैसे कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के ब्रांड के विक्रय केंद्रों का विस्तार जिला स्तर तक किया जाए और निजी उद्यमियों व समूहों को फ्रेंचाइजी भी दी जाए।  मुख्यमंत्री शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाडली बहनों और स्व-सहायता समूहों को लूम और चरखे उपलब्ध कराकर चयनित जिलों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएं। उन्होंने प्रदेश के हैंडलूम और हस्तशिल्प उत्पादों की सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सशक्त प्रस्तुति पर भी जोर दिया। बैठक में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक से पहले मुख्यमंत्री को एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) के अंतर्गत उत्पाद भेंट किए गए।

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मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विभागीय ब्रांड के उत्पादों को मध्यप्रदेश पर्यटन की इकाइयों, प्रमुख धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने साड़ी पहनने की गौरवशाली परंपरा को बढ़ावा देने के लिए इंदौर की तर्ज पर साड़ी वॉकथान जैसे आयोजन अन्य शहरों में करने के निर्देश दिए। रेशम उत्पादन गतिविधियों के विस्तार और निजी भागीदारी को भी प्रोत्साहित करने को कहा गया। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री कार्यालय में अतिथियों को भेंट किए जाने के लिए प्रदेश के महेश्वरी स्टोल का चयन किया गया है, जिसकी मांग विदेशी दूतावासों से भी आ रही है।

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मां अहिल्यादेवी की 300वीं जयंती के अवसर पर महेश्वर किले के डिजाइन पर आधारित 52 विशेष साड़ियों का संग्रह विकसित किया जा रहा है। कुनो चीता अभयारण्य के लिए चीता थीम पर नए गिफ्ट आइटम भी तैयार किए जा रहे हैं। बैठक में पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों की जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 2568 इकाइयों को स्वीकृति, 63 करोड़ का अनुदान और 252 करोड़ का ऋण स्वीकृत हुआ, जिससे 6300 रोजगार बने। कौशल उन्नयन कार्यक्रम में 1710 लोगों को प्रशिक्षण और 1197 को रोजगार मिला। विभाग ने 10 करोड़ का उत्पादन और एम्पोरियम से 23 करोड़ का विक्रय किया। भोपाल में नए एम्पोरियम शुरू हुए और देश-विदेश में प्रदर्शनियां लगाई गईं।

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आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना में खादी उत्पादन दोगुना करना, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, खादी मॉल निर्माण, नए एम्पोरियम, 270 मेलों-प्रदर्शनियों का आयोजन और आठ हजार नए रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये प्रयास प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निर्णायक कदम हैं।



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