अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर इस बार उज्जैन में धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और शुभ संयोगों का विशेष संगम देखने को मिलेगा। जहां 19 अप्रैल को अबूझ मुहूर्त में बड़ी संख्या में विवाह संपन्न होंगे, वहीं 20 अप्रैल को दान-पुण्य का महापर्व मनाया जाएगा। इसी क्रम में शहर के कार्तिक मेला ग्राउंड में सामूहिक विवाह एवं निकाह का भव्य आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें 112 जोड़े वैवाहिक जीवन में प्रवेश करेंगे।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष तृतीया तिथि और रोहिणी नक्षत्र का विशेष संयोग 20 अप्रैल को बन रहा है, जो दान के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। वहीं 19 अप्रैल को गोधूलि बेला से पहले ही तृतीया लगने के कारण अधिकतर विवाह उसी दिन संपन्न होंगे। अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, जिसमें बिना विशेष मुहूर्त के भी शुभ कार्य किए जा सकते हैं।

इसी अवसर पर कार्तिक मेला ग्राउंड में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह एवं निकाह कार्यक्रम आयोजित होगा। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल होकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देंगे। इस आयोजन में 100 जोड़े हिंदू रीति-रिवाज से विवाह करेंगे, जबकि 12 जोड़े निकाह के माध्यम से दांपत्य जीवन की शुरुआत करेंगे।

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राज्य शासन की ओर से प्रत्येक नवदंपति को 49 हजार रुपए की आर्थिक सहायता चेक के माध्यम से प्रदान की जाएगी, जिससे वे अपने नए जीवन की शुरुआत सशक्त रूप से कर सकें। आयोजन को जीरो वेस्ट इवेंट के रूप में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कार्यक्रम से पहले महापौर मुकेश टटवाल, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा और जिला पंचायत सीईओ श्रेयांश कूमट ने स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

प्रशासन के अनुसार आयोजन के दौरान विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी। यह आयोजन आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सहयोग देने, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने और सामूहिक विवाह की परंपरा को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।



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