राजधानी भोपाल के रविंद्र भवन में शुक्रवार को कांग्रेस का बड़ा और अहम संगठनात्मक सम्मेलन आयोजित हुआ, जिसमें प्रदेशभर से आए ब्लॉक अध्यक्षों के साथ 50 से ज्यादा वरिष्ठ नेता एक मंच पर नजर आए। इस बैठक को कांग्रेस के लिए सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि आने वाले चुनावों से पहले संगठन को फिर से खड़ा करने की बड़ी कवायद के रूप में देखा जा रहा है।


संगठन की कमजोरियों पर खुलकर चर्चा 

सम्मेलन में कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह (राहुल), कांतिलाल भूरिया, कमलेश्वर पटेल, डॉ. गोविंद सिंह और विजयलक्ष्मी साधौ सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक के दौरान संगठन की मौजूदा स्थिति, जमीनी स्तर पर कमजोर पड़ती पकड़, कार्यकर्ताओं की निष्क्रियता और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। नेताओं ने साफ तौर पर माना कि अब केवल बैठकों से नहीं, बल्कि जमीन पर काम करके ही संगठन को मजबूत किया जा सकता है।

अब सिर्फ पद नहीं, काम जरूरी

बैठक में ब्लॉक अध्यक्षों को साफ शब्दों में संदेश दिया गया कि अब जिम्मेदारी मिलने का मतलब केवल पद संभालना नहीं, बल्कि सक्रिय रूप से काम करना है। उन्हें निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मंडल, ब्लॉक, गांव और वार्ड स्तर तक संगठन का मजबूत ढांचा खड़ा करें और हर स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय बनाएं। नेताओं ने यह भी कहा कि अब केवल कागजों पर कमेटियां बनाकर सूची भेजना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि हर नियुक्ति और हर इकाई का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाएगा। यदि कोई पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारी से अनजान पाया गया, तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।

 परफॉर्मेंस पर टिकेगा भविष्य, समीक्षा तय

बैठक में संगठन के भीतर जवाबदेही तय करने पर विशेष जोर दिया गया। जिला अध्यक्षों के काम का मूल्यांकन पहले से जारी है। ब्लॉक अध्यक्षों के काम की भी छह महीने बाद समीक्षा की जाएगी। इससे साफ संकेत मिला कि आने वाले समय में संगठन में परफॉर्मेंस बेस्ड सिस्टम लागू होगा, जहां सक्रिय और काम करने वाले नेताओं को ही आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

जन संवाद के जरिए जनता से सीधा संपर्क बढ़ाने की रणनीति

संगठन प्रभारी संजय कामले ने कहा कि अब हर ब्लॉक स्तर पर जन संवाद कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए कि वे रोजाना लोगों से मिलें, उनकी समस्याएं सुनें और उन्हें पार्टी की विचारधारा से जोड़ें। नेताओं का मानना है कि जनता से सीधा संवाद ही संगठन को मजबूत करने का सबसे प्रभावी तरीका है और इससे पार्टी की पकड़ फिर से मजबूत होगी। 

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 बैठक के बीच अजय सिंह का बाहर जाना बना चर्चा का विषय

सम्मेलन के दौरान पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह (राहुल) का बीच में ही कार्यक्रम छोड़कर चले जाना भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। इसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, हालांकि आधिकारिक तौर पर कोई वजह सामने नहीं आई है।

2028 चुनाव को ध्यान में रखकर तैयार हो रहा संगठन

पूरे सम्मेलन में यह साफ दिखा कि कांग्रेस अब 2023 की हार के बाद संगठन को दोबारा मजबूत करने में जुटी है। ब्लॉक स्तर से लेकर बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर 2028 के विधानसभा चुनाव के लिए मजबूत आधार तैयार करने की कोशिश की जा रही है।

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हर परिवार से 100 रुपए लेने का प्रस्ताव भी चर्चा में

बैठक के दौरान एक अहम प्रस्ताव यह भी सामने आया कि हर विधानसभा क्षेत्र में प्रत्येक परिवार से 100 रुपए सहयोग राशि ली जाए। इस राशि को जिला और ब्लॉक स्तर पर ही खर्च किया जाएगा, ताकि संगठन को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सके और स्थानीय स्तर पर गतिविधियां तेज हो सकें। नेताओं का मानना है कि इससे न केवल संसाधन जुटेंगे, बल्कि आम लोगों के साथ पार्टी का सीधा जुड़ाव भी बढ़ेगा।

 



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